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पिता के निधन के बाद भी चुनावी रण में उतरे विधायक पीएन पाठक

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भाजपा ने सौंपी बंगाल में बड़ी जिम्मेदारी

pardarshi vikas news kushinagar 

पिता के निधन के गहरे शोक में डूबे होने के बावजूद कुशीनगर के विधायक पीएन पाठक ने पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता देते हुए पश्चिम बंगाल के लिए प्रस्थान किया। भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन्हें हुगली जिले की सात विधानसभाओं के चुनाव संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वह पूरी सक्रियता और समर्पण के साथ निभा रहे हैं। बताया जाता है कि विधायक के पिता, लाल बाबू पाठक (निवासी गड़हियां पाठक, तमकुहीराज) के बीमार होने की सूचना पर वे तत्काल घर पहुंचे और उनकी सेवा में जुट गए। पिता के निधन के बाद उन्होंने बड़े पुत्र होने का दायित्व निभाते हुए मुखाग्नि दी और सभी पारंपरिक कर्मकांड पूरे किए। इसी बीच पार्टी के निर्देश लगातार मिलते रहे, जिसके चलते उन्होंने निजी शोक को दरकिनार करते हुए बंगाल चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्णय लिया। वहां वह चुनाव समितियों, सेक्टर संयोजकों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकें कर चुनावी रणनीति को मजबूती दे रहे हैं। विधायक पीएन पाठक ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा पश्चिम बंगाल में भारी बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने अपनी आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के बाद 24 अप्रैल को वह कुशीनगर लौटेंगे। 27 अप्रैल को पिता के ब्रह्मभोज के बाद 28 अप्रैल को पुनः दूसरे चरण के चुनाव के लिए बंगाल रवाना होंगे। 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के बाद वह वापस कुशीनगर आ जाएंगे और 4 मई को होने वाली मतगणना की तैयारियों के लिए 1 मई को फिर निकलेंगे। विधायक ने कहा कि एक सुसंस्कृत, विकसित और खुशहाल राष्ट्र के निर्माण के लिए व्यक्तिगत त्याग आवश्यक होता है। उनके इस कदम को कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के रूप में देखा जा रहा है।