news-details

पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर से की 9 मिनट बात, बोले- आपके साहस पर पूरे देश को गर्व

You can share this post!

 

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से करीब नौ मिनट तक वीडियो कॉल पर बातचीत की। दो दिन पहले दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में हाइजैकिंग की कोशिश के दौरान ओमानी सह-पायलट ने उन पर चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित रखा और बड़ी दुर्घटना टाल दी। प्रधानमंत्री ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा था और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहा था।

पीएम से बात करते हुए भावुक हुए कैप्टन स्मित
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आना उनके लिए गर्व की बात है। बातचीत के दौरान वह अपने आंसू नहीं रोक सके। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने इतना बड़ा काम किया है कि देश का हर नागरिक और दुनिया के लोग उनसे बात करना चाहते हैं। मोदी ने स्मित के साहस और सूझबूझ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी से कई लोगों की जान बची है। उन्होंने स्मित की मां गीताबेन और पिता भूपेंद्रभाई को भी प्रणाम किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हनुमान चालीसा पढ़ने की बात से उन्हें उनके परिवार के दिए संस्कारों का पता चलता है। उन्होंने स्मित की पत्नी सोनलबेन की भी हिम्मत की सराहना की।

हनुमान चालीसा पढ़ते हुए बचाई यात्रियों की जान
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि विमान उड़ाते समय अचानक हुए हमले में वह नीचे गिर गए और उन्हें काफी चोटें आईं। इसके बावजूद उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है। उन्होंने बताया कि उस समय उनके पास आखिरी मौका था। उन्होंने दरवाजा खोल दिया और मुश्किल समय में हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे। स्मित ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भगवान ने ही सभी की जान बचाई।

अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन स्मित
हमले में घायल कैप्टन स्मित फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात के अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी लाया गया था। यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर उनसे और उनके परिवार से मुलाकात की। राजदूत के मुताबिक, स्मित की हालत स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। उनका मनोबल भी ऊंचा है। भारतीय दूतावास वहां के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और पायलट को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राजदूत ने कैप्टन स्मित को भारत का बहादुर बेटा बताते हुए कहा कि उनकी बहादुरी से विमान में सवार यात्रियों की जान बची और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

पीएम मोदी पहले भी कर चुके हैं तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भी कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने धैर्य और साहस का परिचय दिया। उनकी बहादुरी पर पूरे देश को गर्व है। प्रधानमंत्री ने स्मित के माता-पिता और पत्नी से भी फोन पर बातचीत कर उनकी सेहत की जानकारी ली थी। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था।

ट्रंप और नेतन्याहू ने भी बताया हीरो
भारतीय पायलट की बहादुरी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को सच्चा हीरो बताया। उन्होंने कहा कि उनकी बहादुरी से विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी स्मित की तारीफ करते हुए उन्हें हीरो बताया।

स्पाइसजेट में 11 साल से अधिक किया काम
कैप्टन स्मित मच्छर को विमान उड़ाने का 13 साल से अधिक का अनुभव है। फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले उन्होंने स्पाइसजेट में 11 साल से ज्यादा समय तक काम किया। इस दौरान उन्होंने 9500 घंटे से अधिक उड़ान भरी, जिनमें 6400 घंटे से ज्यादा मुख्य पायलट के रूप में थे। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है। वह पायलटों की ट्रेनिंग और उनके कामकाज से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालते थे।

इजराइल और गुजरात सरकार करेगी सम्मानित
कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी को देखते हुए इजराइल सरकार उन्हें सम्मानित करेगी। भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार ने इसकी जानकारी दी। वहीं, गुजरात सरकार ने भी उन्हें ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने की घोषणा की है। उनकी बहादुरी की चर्चा देश-विदेश में हो रही है।