
पारदर्शी विकास न्यूज़। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शुक्रवार को नंदीग्राम में भाजपा प्रत्याशी हसिरानी रथ के समर्थन में चुनाव प्रचार करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य से पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न मिटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और अरूप रॉय के गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए हैं। बिना किसी का नाम लिए अधिकारी ने कहा कि मुख्य चोर भी जेल जाएगा। चुनावी सभा में शुभेंदु अधिकारी ने मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में अन्य सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त करवाने के लिए लोग मतदान करें। नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है। इसी दिन मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट पर भी उपचुनाव होगा। नंदीग्राम लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 2007 में यहां भूमि अधिग्रहण के विरोध में हुए आंदोलन ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस आंदोलन के बाद ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को 2011 में राज्य की सत्ता तक पहुंचने में मदद मिली थी। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद यह सीट रिक्त हो गई और यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। भाजपा प्रत्याशी हसिरानी रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की 6 मई की देर रात मध्यमग्राम के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम सीटों के अलावा तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों तथा पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी सीट पर भी उपचुनाव होना है। असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव निर्धारित है। इस तरह चार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश की कुल छह सीटों पर मतदान कराया जा रहा है। पश्चिम बंगाल की दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा। नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान शुभेंदु अधिकारी के बयान और तृणमूल कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों के बीच उपचुनाव का राजनीतिक माहौल गर्म है। मतदाताओं का फैसला मतदान के बाद सामने आएगा।