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नेताओं के स्वागत में जाम, जनता बेहाल

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आखिर कब बदलेगी वीआईपी संस्कृति?

जगनायक प्रधान
पारदर्शी विकास न्यूज़  कानपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा के कानपुर दौरे पर शहर में जगह-जगह भव्य स्वागत, रोड शो और पुष्पवर्षा का आयोजन किया गया। कार्यकर्ताओं ने गंगा पुल से लेकर घंटाघर, यशोदानगर, टाटमिल, बड़ा चौराहा और नौबस्ता तक 28 स्थानों पर उनका स्वागत किया। कहीं 51 किलो तो कहीं 250 किलो की माला पहनाई गई, मंच पर टेडी बियर डांस हुआ, कबूतर उड़ाकर शांति का संदेश दिया गया और भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया गया। लेकिन इन आयोजनों के बीच सबसे बड़ा सवाल शहर की आम जनता की परेशानी को लेकर उठ खड़ा हुआ। स्वागत कार्यक्रमों के कारण कई प्रमुख चौराहों और सड़कों पर लंबा जाम लग गया। घंटाघर चौराहे पर करीब 20 से 25 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। वहीं जेके मंदिर, नरेंद्र मोहन सेतु, बेनाझाबर और हैलेट अस्पताल की ओर जाने वाले मार्गों पर भी भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली। शहर के लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या किसी राजनीतिक दल के नेता के स्वागत के लिए पूरे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित करना उचित है? कानपुर पहले से ही जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में सड़कों पर स्वागत कार्यक्रम और रोड शो आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा देते हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह रही कि इन्हीं मार्गों से एशिया के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल हैलेट अस्पताल तक मरीजों और एंबुलेंस को पहुंचना होता है। जाम में फंसी एंबुलेंस, स्कूल से लौटते बच्चे, नौकरीपेशा लोग और रोजमर्रा के काम से निकले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। चाहे भाजपा हो, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी या कोई अन्य दल—जब भी बड़े नेताओं के स्वागत या रोड शो के नाम पर मुख्य सड़कें जाम होती हैं, उसकी कीमत आम जनता को चुकानी पड़ती है। शहरवासियों का कहना है कि नेताओं का स्वागत करना कार्यकर्ताओं का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा की कीमत पर नहीं होना चाहिए। स्वागत कार्यक्रम ऐसे स्थानों पर आयोजित किए जाएं, जहां यातायात बाधित न हो और आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों। विशेषज्ञों का भी मानना है कि ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन को ऐसे आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करने चाहिए। यदि किसी कार्यक्रम से शहर की मुख्य सड़कें प्रभावित होती हैं, तो वैकल्पिक मार्ग, समयबद्ध यातायात योजना और एंबुलेंस कॉरिडोर जैसी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए। कानपुर की जनता अब यही सवाल पूछ रही है—क्या नेताओं का स्वागत आम नागरिकों की सुविधा से अधिक महत्वपूर्ण है? लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन जनता की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु यातायात भी उतना ही महत्वपूर्ण है। शहरवासियों का मानना है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे न नेताओं का स्वागत प्रभावित हो और न ही आम लोगों का जीवन। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेता तन्मय शुक्ला ने कानपुर दौरे पर पहुंचे भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान बिलाल अहमद, दिव्यांशु खन्ना, तेजस शुक्ला, सफल दुबे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 



जाम में फंसा कानपुर
कानपुर पहले से ही गड्ढों, जलभराव और भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। बरसात के मौसम में सड़कों पर पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ऊपर से वीआईपी मूवमेंट, रोड शो और नेताओं के स्वागत कार्यक्रमों के कारण शहर की मुख्य सड़कें जाम हो जाती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर एंबुलेंस, स्कूल बसों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों पर पड़ता है। शहरवासियों का कहना है कि पहले सड़क, जलनिकासी और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारी जाए, ताकि लोगों को रोजाना होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।


छात्रों में किसी तरह की नाराजगी नहीं है:रोहित मिश्रा
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े सवाल पर रोहित मिश्रा ने कहा-छात्रों में किसी तरह की नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें छात्र माफी मांगते दिखाई दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद को उनका अभिभावक बताया है और छात्रों ने भी उनकी बात को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि युवा देश की ताकत हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर जागरूक किया जाएगा।




 

डॉ. रोहित मिश्रा – संक्षिप्त परिचय

जन्म: प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश
शिक्षा: पीएचडी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय

राजनीतिक सफर
2014-15: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई में सक्रिय भूमिका निभाई।
अक्टूबर 2016: इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
2017-18: ABVP के राष्ट्रीय मंत्री बनाए गए।
2019-20: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) में सक्रिय राजनीति की शुरुआत की।
अगस्त 2021: उत्तर प्रदेश भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त हुए।
2026: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए।