
PARDARSHI VIKASH NEWS कानपुर। निबंधन एवं पंजीकरण व्यवस्था में किए गए बदलाव के विरोध में सोमवार को अधिवक्ता कल्याण संघर्ष समिति के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने सरकार से नई व्यवस्था को वापस लेकर पुरानी प्रणाली बहाल करने की मांग की।समिति के संयोजक एवं लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पं. रवीन्द्र शर्मा ने कहा कि अब तक निबंधन दस्तावेजों का पंजीकरण कोर्ट परिसर स्थित निबंधन कार्यालयों में होता रहा है, लेकिन महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश के आदेश के बाद विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इस व्यवस्था का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इससे दस्तावेजों की विधिक गुणवत्ता प्रभावित होगी और भविष्य में अनेक विवाद एवं मुकदमेबाजी बढ़ सकती है।उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से दस्तावेज पंजीकरण कराने वाले लोगों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा, जो सस्ते और सुलभ न्याय की अवधारणा के विपरीत है। साथ ही इससे रजिस्ट्री संबंधी कार्य करने वाले अधिवक्ताओं के रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार धीरे-धीरे अधिवक्ताओं के कार्यक्षेत्र को सीमित कर रही है। उन्होंने मांग की कि अधिवक्ता हितों और आम जनता की सुविधा को देखते हुए पूर्व से चली आ रही पंजीकरण व्यवस्था को यथावत रखा जाए।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि अधिवक्ताओं की मांगों से संबंधित प्रतिवेदन मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।इस दौरान संजीव कपूर, राकेश सिद्धार्थ, शिवम गंगवार, आयुष शुक्ला, इंद्रेश मिश्रा, साजिद खान, सुधीर शर्मा, चैतन्य जायसवाल, अमर दीप वर्मा, शाहिद जमाल और वीर जोशी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
