
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। दो हजार रुपये से अधिक के डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में कानपुर के व्यापारियों ने 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल कानपुर नगर के आह्वान पर इस दिन दुकानों पर यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन के जिलाध्यक्ष महेश वर्मा ने गुरुवार दोपहर 12:45 बजे वीडियो संदेश जारी कर इसकी जानकारी दी।
महेश वर्मा ने ग्राहकों से अपील की है कि 2 अक्टूबर को बाजार में खरीदारी के लिए निकलने से पहले पर्याप्त नकदी साथ लेकर आएं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित एमडीआर लागू होने से व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसी के विरोध में एक दिन यूपीआई भुगतान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है।
स्कैनर पर काला कपड़ा डालकर जताएंगे विरोध
नो यूपीआई डे के दौरान व्यापारी अपनी दुकानों पर लगे यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढकेंगे। इसके साथ ही हाथों में काली पट्टी बांधकर प्रस्तावित एमडीआर के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे। संगठन ने शहर के व्यापारियों से इस विरोध में शामिल होने की अपील की है। बाजारों में ग्राहकों को पहले से इसकी जानकारी देने की भी तैयारी की जा रही है।
फैसला वापस लेने से किया इनकार
कुछ व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद नो यूपीआई डे का आह्वान वापस लिए जाने की चर्चा सामने आई है। हालांकि, उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल कानपुर नगर ने अपना फैसला बरकरार रखा है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि 2 अक्टूबर को कानपुर के व्यापारी प्रस्तावित एमडीआर के विरोध में यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे।