
PARDARSHI VIKASH NEWS पंजाब के किसान शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित राजभवन कूच के लिए मोहाली बॉर्डर पहुंचे, जहां उनकी पुलिस से झड़प हो गई। किसान कर्ज सीमा बहाल करने, MSP की कानूनी गारंटी समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब से लगती सभी सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर दी और कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया।प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते नजर आए। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं रुके तो वाटर कैनन से पानी की बौछारें की गईं। इसके बावजूद किसान “बोले सो निहाल” के नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। मौके पर कई महिला प्रदर्शनकारी भी मौजूद रहीं। किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां भी प्रदर्शन में शामिल हुए।प्रदर्शन कर रहे किसान ‘दरियाई पानी’ के बंटवारे को रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार लागू करने और पंजाब पुनर्गठन एक्ट की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वे केंद्र सरकार के प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल 2025 और बीज कानून 2025 का विरोध कर रहे हैं। किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांगों में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी भी शामिल है। इसके अलावा सहकारी समितियों द्वारा रद्द की गई ऋण सीमाओं को बहाल करने, धान सीजन में पूरी क्षमता से बिजली और नहर का पानी उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।प्रदर्शन के चलते पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के पीछे से चंडीगढ़ जाने वाली सड़क पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। मटौर बैरियर पर भी वाहनों का रूट बदला गया है। हालांकि बाकी इलाकों में यातायात सामान्य रूप से चलता रहा।चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और किसानों से बातचीत जारी है। बॉर्डर पर नाकों का जायजा लेने पहुंचीं एसएपी कंवरदीप कौर ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।