
किसानों के लिए चलाया गया विशेष फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान तय लक्ष्य से काफी पीछे रह गया। 10 दिनों तक चले मेगा शिविर अभियान में प्रतिदिन 8 हजार किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन पूरे अभियान में केवल 12 हजार किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका। इस हिसाब से औसतन प्रतिदिन करीब 1246 किसानों का पंजीकरण हुआ।
शासन द्वारा किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान और खरीद प्रणाली का लाभ दिलाने के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद जिले में अपेक्षित संख्या में किसान शिविरों तक नहीं पहुंच सके। प्रशासन ने अप्रैल माह की शुरुआत में जिले के 65 केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए थे, लेकिन अधिकांश केंद्रों पर पंजीकरण की रफ्तार धीमी रही।
अधिकारियों के अनुसार कई गांवों में जागरूकता की कमी के कारण किसान पंजीकरण के प्रति उदासीन रहे। वहीं कई स्थानों पर नेटवर्क और सर्वर संबंधी तकनीकी समस्याएं भी सामने आईं। गेहूं खरीद, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में व्यस्तता के चलते भी किसान शिविरों में नहीं पहुंच पाए।
उप कृषि निदेशक हरिशंकर भार्गव ने बताया कि 12 हजार से अधिक किसानों का पंजीकरण कराया गया है, लेकिन लक्ष्य के मुकाबले यह संख्या कम है। उन्होंने कहा कि आगे भी जागरूकता अभियान चलाकर और नए शिविर लगाकर अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कराया जाएगा।