
गुंगवाछ-कमासिन में पानी का संकट, प्रधान का बेटा पंप ऑपरेटर
3.68 करोड़ खर्च के बाद भी गुंगवाछ में नहीं पहुंचा पानी, जांच में ग्रामीणों का हंगामा
अमेठी/भेंटुआ । ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुंगवाछ में जल जीवन मिशन के तहत 3 करोड़ 68 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी पानी नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है। जांच के दौरान हंगामा हो गया।ग्राम प्रधान आशा तिवारी ने आरोप लगाया कि योजना का काम करने वाली कंपनी मेसर्स विंध्या-टेलीलिंक्स प्रा. लि. नोएडा ने गांव की इंटरलॉकिंग, खड़ंजा, चकमार्ग और पीडब्ल्यूडी सड़कें तोड़ दी हैं। 11 पुरवों में से सिर्फ 3 में पानी आ रहा है। विभाग के पोर्टल पर काम पूरा दिखाकर मेंटीनेंस का पैसा निकाला जा रहा है, जबकि हकीकत अलग है।मंगलवार को जांच टीम प्रधान के घर पहुंची। टीम में बीडीओ दिव्या सिंह, डीपीएमयू ए.बी. सिंह, जल निगम के सहायक अभियंता डी.पी. गौतम, जेई नीरज प्रजापति और टीपीआईए के देवेन्द्र प्रताप सिंह शामिल रहे। प्रधान का आरोप है कि टीम कागजात के बिना पहुंची और बहस करने लगी।हंगामे के बाद बीडीओ दिव्या सिंह ने टीम को मठकनैगिर में घर-घर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। बीडीओ ने माना कि प्रधान के आरोप सही हैं और कंपनी का काम अधूरा है। रिपोर्ट पूरी जांच टीम की ओर से बनाई जाएगी।कमासिन ग्राम पंचायत के सभी पुरवों में जलापूर्ति नहीं हो रही है।लीकेज और चोकेज की समस्या दूर नहीं हो पाई है।
बी डी ओ ने नहीं उठाया फोन
जांच के समय हंगामा होने की स्थिति और जनसुनवाई के मामले में जानकारी को खंड विकास अधिकारी दिव्या सिंह को भी सीओजी नम्बर पर फोन किया गया, उन्होंने भी फोन नहीं उठाया।अवर अभियंता इंजीनियर नीरज प्रजापति ने कहा कि लीकेज और चोकेज की समस्या से जलापूर्ति प्रभावित हुई है,तीन दिन के भीतर ठीक करा दिया जाएगा।
ग्राम प्रधान खुद कराना चाहती हैं काम:अधिशाषी अभियंता
अधिशासी अभियंता इंजीनियर अनिल कुमार राव का कहना है कि जलापूर्ति को लेकर जो शिकायत प्राप्त हुई है, उसको दूर किया जा रहा है। ग्राम प्रधान का पुत्र ही पम्प आपरेटर है। ग्राम प्रधान डेढ़ महीने से काम में हस्तक्षेप कर रही हैं वह कम्पनी की जगह खुद काम कराना चाहती हैं।वी टी एल कम्पनी को काम पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कम्पनी काम पूरा नहीं कराती तो उसके विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराएंगे।