
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर शहर के परेड मैदान में होने वाली प्रसिद्ध रामलीला में इस बार दशहरा पर 110 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन आकर्षण का केंद्र रहेगा। करीब दो महीने से रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है और इसका लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। रावण का 90 फीट ऊंचा धड़ और सिर तैयार हो चुका है। दोनों हिस्सों को जोड़ने के बाद पुतले की कुल ऊंचाई 110 फीट हो जाएगी। बीते वर्ष यहां 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया था।रावण के पुतले में दहन के लिए करीब 1000 से 1500 बम लगाए जाएंगे। पुतले को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जा रहा है। दहन के दौरान रावण के मुंह से फूल और प्रतीकात्मक अंगारे निकलने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा उसका सिर करीब 180 डिग्री तक दाएं-बाएं घूमेगा, जिससे दहन के दौरान लोगों को आकर्षक दृश्य देखने को मिलेगा।
परेड रामलीला में रावण के पुतले से लेकर मंच की तैयारियों तक का काम मुस्लिम कारीगरों की टीम कर रही है। पुतला बनाने का ठेका सलीम के पास है। उनके साथ मोहम्मद सुहैल, मोहम्मद हनीब, जहांगीर समेत करीब 20 कारीगर दिन-रात पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। धार्मिक आयोजन के लिए मुस्लिम कारीगरों की मेहनत शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश कर रही है।कारीगर मोहम्मद सुहैल ने बताया कि उनकी टीम पिछले कई वर्षों से परेड रामलीला के लिए पुतले तैयार करती आ रही है। इस बार भी करीब दो महीने से रावण के पुतले पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि कोशिश रहती है कि हर साल पुतला पहले से अधिक आकर्षक और भव्य बनाया जाए, ताकि दर्शक उसे देखकर कुछ देर ठहरने को मजबूर हो जाएं।
कारीगरों के मुताबिक रावण का धड़, सिर और अन्य हिस्से तैयार हो चुके हैं। अब पुतले पर रंगीन कागज लगाने, लाइटिंग और अन्य सजावट का काम किया जा रहा है। पुतले को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि दहन के दौरान उसके अलग-अलग हिस्सों में गतिविधियां दिखाई दें और यह दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने।
परेड मैदान में रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के भी 80-80 फीट ऊंचे पुतले तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा दहन कार्यक्रम के लिए करीब 30 फीट ऊंची और 100 फीट चौड़ी लंका का निर्माण भी कराया जा रहा है। दशहरा के दिन रामलीला मैदान में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होगा। भव्य पुतलों, लाइटिंग और विशेष आतिशबाजी के बीच होने वाला यह आयोजन शहरवासियों के लिए प्रमुख आकर्षण रहेगा।