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जनगणना के सटीक आंकड़े सशक्त राष्ट्र निर्माण का आधार : डीएम

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बुधवार को मर्चेंट चैंबर सभागार में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए जोन-4 के प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया। उन्होंने जनगणना के आंकड़ों में शुद्धता, समयबद्धता और शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनपद में इस कार्य के लिए करीब 10,500 कार्मिक लगाए जाएंगे। डीएम ने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण का आधार हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति और परिवार का विवरण सावधानी से दर्ज किया जाए। मलिन बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ियों और वंचित वर्गों को भी गणना में शामिल किया जाए। उन्होंने डिजिटल उपकरणों और मोबाइल एप्लीकेशन के सही इस्तेमाल पर जोर दिया।जनगणना कार्यक्रम के अनुसार, 16 से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्वगणना होगी। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी। पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण कार्य होगा।

पूछे जाएंगे 40 सवाल
जनगणना के दौरान लोगों से नाम, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति, शिक्षा, रोजगार, भाषा, प्रवासन और दिव्यांगता सहित कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। आधार, मतदाता पहचान पत्र और पासपोर्ट से संबंधित विवरण भी मांगे जा सकते हैं, लेकिन कोई दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं होगा। डीएम ने सभी कार्मिकों से जिम्मेदारी के साथ कार्य पूरा करने की अपील की।