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जल निकासी की समस्या के निस्तारण के लिए निर्माणाधीन नाले में मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री का नहीं हो रहा प्रयोग

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अमेठी। नगर पंचायत अमेठी में जल निकासी की समस्या के निस्तारण के लिए निर्माणाधीन नाले में मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री का प्रयोग नहीं हो रहा है। निर्माण कार्य के बाद एक दिन भी नहीं बीता नाला कई जगह टूट गया है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने कार्यदाई संस्था और ठेकेदार के काम पर सवाल उठाए हैं। गिरे हुए नाले के फोटो सोशल मीडिया पर  वायरल हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष महेश सोनी ने प्रेस कांफ्रेंस करके नगर पंचायत अमेठी में चल रहे भ्रष्टाचार की तरफ मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया है और कहा कि उनकी ओर से कई बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी आंखें बंद किए हुए हैं और जानबूझकर जांच और कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।नगर पंचायत में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए जल निकासी योजना के तहत 2 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से दुर्गापुर रोड और सुल्तानपुर रोड पर नाले का निर्माण कराया जा रहा है।बीती रात सुल्तानपुर रोड पर नाले का निर्माण कराया गया जो शुक्रवार की सुबह ही धराशाई हो गया। नाला गिरने की जानकारी मिलते ही व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष महेश सोनी बड़ी संख्या में व्यापारियों के साथ मौके पर पहुंचे और नाला निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए। भाजपा नेता और व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष महेश सोनी ने बताया कि जब से नाला निर्माण हो रहा है। तब से इसके भ्रष्टाचार को लेकर आवाज उठाई जा रही है। कई बार इसकी शिकायत नगर पंचायत से लेकर एसडीएम,डीएम तक की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई  और आखिरकार यह नाला गिर गया। जिला अध्यक्ष ने कहा की मुख्यमंत्री योगी की सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है लेकिन कुछ लोग सरकार को बदनाम कर रहे हैं।लगातार इसकी शिकायत डीएम एसडीएम नगर पंचायत से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जल निकासी के लिए दो करोड़ 20 लख रुपए सरकार ने दिया था लेकिन इसमें नाले में 20% भी काम नहीं हो रहा है।16 सरिया की जगह सिर्फ दो सरिया लग रही है कि जिस का कारण है कि नाल पलट गया।जब से नाले का निर्माण हो रहा है तब से व्यापारी यहां परेशान है।कुछ जहर नाला बना तो वहां मिट्टी नही डाली गई द्वारा और व्यापारियों ने अपने पैसे से मिट्टी डाली।जरूरत पड़ी तो इसकी शिकायत खुद मुख्यमंत्री से मिलकर की जाएगी।इस नाले को तोड़कर नए नाले का निर्माण कराया जाना चाहिए। इसमें सबसे बड़ी लापरवाही नगर पंचायत की है सारे अधिकारी एई जीई सभी मिले हुए हैं और सब कमीशन खा रहे हैं।