
Pardarshi Vikas News Lucknow
महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम जी की जयंती की पूर्व संध्या पर शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, लखनऊ में ‘‘समकाकलीन भारत में बाबू जगजीवन राम जी की प्रासंगिकता सामाजिक न्याय और समावेशी विकास’’ विषय पर एक विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बाबू जगजीवन राम जी की सुपुत्री एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार जी तथा मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात शिक्षाविद प्रो0 रतन लाल जी उपस्थित रहे। सांसद तनुज पुनिया ने कार्यक्रम में आए हुए समस्त पदाधिकारियों अतिथियों एवं मंच एवं सभागार में बैठे हुए कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का अभिवादन करते हुए विचार गोष्ठी के विषय का प्रतिपादन किया। संगोष्ठी का संयोजन और संचालन उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष हिंदवी जी ने किया।आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधिति करते हुए श्रीमती मीरा कुमार जी ने लखनऊ की तहजीब की तारीफ और आए हुए कांग्रेसजनों का स्वागत करते हुए कहा कि आज के युग में जब लोग पहले मैं-पहले मैं में विश्वास करते हैं वहीं लखनऊ की तहजीब हमें पहले आप-पहले आप सिखाती है। बाबू जगजीवन राम के जीवन और संघर्ष के विषय में बताते हुए मुख्य अतिथि महोदया भावुक हो गई। आजादी की लड़ाई में उनका शामिल होना, दलितों को एक दिशा देते हुए स्वतंत्रता संग्राम में शामिल कराना और वंचितों और दलितों के मन में देश भावना की ज्योति जलाना उनका मुख्य कार्य रहा। देश के कृषि मंत्री के रूप में कार्य करते हुए भारत से भुखमरी दूर करने के लिए हरित क्रांति जैसी योजना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने उन्नत बीज, रासायनिक उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया, जिससे देश में खाद्यान्न उत्पादन में भारी वृद्धि हुई। कार्यक्रम में बाबू जगजीवन राम के विचारों और योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने सामाजिक समता और न्याय की दिशा में उनके संघर्ष को प्रेरणादायक बताया। मुख्य अतिथि मीरा कुमार ने कहा कि छुआछूत और ऊंच-नीच की भावना समाज को कमजोर कर रही है और इससे ऊपर उठकर देश के विकास पर ध्यान देना होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में संगठन की जिम्मेदारी अविनाश पाण्डेय और अजय राय के कंधों पर बताई।मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. रतन लाल ने बाबू जगजीवन राम के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे दलितों, वंचितों, किसानों और मजदूरों के सच्चे सिपाही थे। उन्होंने बिहार में किसानों और मजदूरों को संगठित किया और स्वतंत्रता के बाद संविधान सभा के सदस्य के रूप में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में रक्षामंत्री के रूप में उनके योगदान का भी उल्लेख किया।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव प्रभारी उत्तर प्रदेश अविनाश पाण्डेय ने कहा कि बाबू जगजीवन राम का जीवन साहस और संकल्प की मिसाल है। वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि उनके आदर्शों पर चलकर कांग्रेस समाज और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएगी और 2027 में जीत का लक्ष्य हासिल करेगी।कांग्रेस प्रवक्ता अंशुल अभिजीत ने भी बाबू जगजीवन राम के संघर्षों को प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम में बाबू जगजीवन राम के जीवन पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया तथा “बाबू जगजीवन राम भारतीय लोकतंत्र के गौरवशाली महानायक” (लेखक प्रो. सतीश कुमार राय) और “नेहरू मंत्रिमंडल से दलित मुक्ति के पुरोधा बाबा साहब और बाबूजी” (लेखक राजेश गौतम) पुस्तकों का विमोचन किया गया।कार्यक्रम के अंत में पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया, बृजलाल खाबरी, कमल किशोर कमांडो, ओमवती देवी, ए.पी. गौतम, पूर्व विधायक धीरेन्द्र प्रसाद, फूल कुँवर, इन्दल रावत, मीता गौतम, भगवती प्रसाद चौधरी, गयादीन अनुरागी, राधेश्याम कनौजिया तथा सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एच.एल. दुसाध, ज्ञान प्रकाश जख्मी, अमित नायब, महेश चंद देवा, विद्या गौतम और सुनील राम को सम्मानित किया गया।
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