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हत्या के बाद कारोबार पर संकट

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अब जेल से ही बेटे की पावर ऑफ अटॉर्नी!

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के बाद कारोबार संभालने में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए उनकी पत्नी पुनीता को अदालत से राहत मिली है। सीजेएम प्रदीप कुमार शुक्ला ने जेल में बंद बेटे सुब्रत मिनोचा की पावर ऑफ अटॉर्नी पुनीता के नाम रजिस्टर्ड कराने का आदेश दिया है। जेल अधीक्षक और रजिस्ट्रार को आपसी समन्वय से नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर पांच नवंबर तक कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।बिरहाना रोड स्थित मेसर्स फार्मा ट्रेडर्स में विनीत की 50 प्रतिशत, बेटे सुब्रत की 30 प्रतिशत और पत्नी पुनीता की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। विनीत की वसीयत के अनुसार, उनके निधन के बाद उनकी हिस्सेदारी पुनीता के नाम हो गई, जिससे उनकी हिस्सेदारी 70 प्रतिशत हो गई। हालांकि, बैंक में जमा कारोबार की रकम निकालने में परेशानी आ रही थी। बैंक अधिकारियों ने दोनों के हस्ताक्षर जरूरी बताए थे।पुनीता ने इसी समस्या के समाधान के लिए अदालत में अर्जी दी थी। 14 अक्टूबर को सुब्रत ने अपनी मां के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी कराने पर सहमति जताई थी।गौरतलब है कि पांच सितंबर को कल्याणपुर के इंदिरा नगर स्थित फ्लैट में विनीत का चाकुओं से गोदा हुआ शव मिला था। इस हत्याकांड में पुलिस ने पूर्व नौकर विशाल गौतम, राजकिशोर और बेटे सुब्रत को जेल भेजा था।