
पारदर्शी विकास न्यूज़ कुशीनगर। सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने और गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रविवार को पुलिस लाइन कुशीनगर के सभागार में क्रिटिकल कॉरिडोर टीम (सीसी टीम) और यातायात पुलिसकर्मियों को फर्स्ट-एड का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण उपमहानिरीक्षक यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी यातायात के पर्यवेक्षण में आयोजित हुआ। यातायात निदेशालय द्वारा नामित SACTEM Foundation की टीम ने दुर्घटना स्थल पर प्राथमिक उपचार और जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी दी। पुलिसकर्मियों को घायल की Primary Survey (ABCDE), सुरक्षित स्थानांतरण, कार्डियक अरेस्ट की पहचान, CPR, AED के इस्तेमाल और अत्यधिक रक्तस्राव रोकने के तरीके बताए गए। इसके अलावा फ्रैक्चर, जलने, छाती-पेट में गंभीर घाव, बेहोश लेकिन सांस ले रहे व्यक्ति को Recovery Position में रखने, हेलमेट हटाने और Choking Management की जानकारी दी गई। बच्चों में CPR की प्रक्रिया भी समझाई गई। प्रशिक्षण में गोल्डन ऑवर के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद सही समय पर प्राथमिक उपचार और त्वरित निर्णय घायल की जान बचाने में अहम हो सकते हैं। इस दौरान सीसी टीम प्रभारी, सदस्य और यातायात पुलिस के टीएसआई सहित संबंधित पुलिसकर्मी मौजूद रहे।