
सात गांवों में नहीं हो रही जलापूर्ति, पोर्टल पर पूर्ण दिख रहा काम
ग्रामीणों के हंगामे के बाद सामने आई लापरवाही, कमीशन बाजी की चर्चा तेज
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। बुधवार को खंड विकास अधिकारी के निरीक्षण और ग्रामीणों की ओर से किए गए हंगामे की खबर छपने के बाद गुरुवार को गुंगवाछ में जल जीवन मिशन के काम तेजी से शुरू हुए हैं। क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को ठीक करने और जलापूर्ति में सुधार के लिए कार्यदाई संस्था विन्ध्य टेलीमिंक्स गाजा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है।25मजदूर गांवों में लगाए गए हैं। कम्पनी की साइट टीम की ओर से ग्राम प्रधान पर पैसे मांगने के आरोप , कम्पनी की लापरवाही और जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर कमीशन बाजी की चर्चाएं जोर पकडे हुए हैं। गुंगवाछ और कमासिन में जल जीवन मिशन के काम ठीक से नहीं हुए हैं।पाइप लाइनों में लीकेज और चोकेज होने के कारण जलापूर्ति नहीं हो रही है। ग्राम प्रधान आशा तिवारी ने लगभग चार करोड़ रुपए के खर्च होने के बाद भी जलापूर्ति न होने की शिकायत की थी। खंड विकास अधिकारी दिव्या सिंह बुधवार को जांच के लिए गई थीं।साइट टीम का आरोप है कि ग्राम प्रधान और उनके लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और मारपीट पर उतारू हो गए। ग्राम प्रधान की ओर से कम्पनी को काम न करने देने की धमकी दी गई और मनरेगा से काम कराने की बात की गई।अवर अभियंता इंजीनियर नीरज प्रजापति के अनुसार साइट टीम की रिपोर्ट में ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा से काम कराने के लिए आठ लाख रुपए की मांग की गई है,उनका बेटा स्वयं पम्प आपरेटर है। साइट टीम के साथ दबंगई की खबरें बुधवार को शाम तक सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गईं। मामला डी एम और सी डी ओ के संज्ञान में आने पर कम्पनी की ओर से साइट टीम की रिपोर्ट अधिशासी अभियंता इंजीनियर अनिल कुमार राव को भेजी। अधिशासी अभियंता ने सी डी ओ को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। गुरुवार को सुबह कम्पनी के प्रतिनिधि मजदूर लेकर काम कराने के लिए गांव में पहुंचे। कनैगिरि में काम शुरू हुआ है। सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को ग्राम प्रधान ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।गुंगवाछ में जल जीवन मिशन के कार्यों में गड़बड़ी और ग्राम प्रधान की शिकायत के सम्बन्ध में जानकारी के लिए कम्पनी के इंचार्ज मिकुन सेठ से उनके नम्बर 9625305353पर बात की गई। उन्होंने रांग नंबर बताकर फोन रख दिया, दूसरी बार काल करने पर मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। पोर्टल पर पूर्ण दिख रहा काम,मेंन्टीनेंस में भी हो रहा भुगतान अमेठी।इस प्रकरण में जांच करने गई खंड विकास अधिकारी दिव्या सिंह से वार्ता नहीं हो पाई। उनके साथ गये ग्राम पंचायत अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि पोर्टल पर काम पूरा दिख रहा है,सात मजरों में अभी तक जल वितरण प्रणाली ही नहीं बनी है,मेंन्टीनेंस के मद में भी पैसे का भुगतान हो रहा है,काम कुछ नहीं
गुंगवाछ में जलापूर्ति ठीक करने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। ग्राम प्रधान खुद पैसे लेकर काम कराना चाहती थी,उनका लड़का पम्प आपरेटर है। कम्पनी को भुगतान की बात भी झूठ है। अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। कम्पनी का डेढ़ करोड़ रुपए का भुगतान बकाया है।