
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। नगर निगम में विकास कार्यों की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जोन-2 की दो ग्रीन बेल्ट के सौंदर्यीकरण कार्यों की जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं। तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने करीब 2.89 लाख रुपये की कटौती की संस्तुति की, लेकिन रिपोर्ट सौंपे जाने के लगभग सात महीने बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होने का मामला चर्चा में है।जोन-2 में कृष्णा नगर स्थित एक्सिस बैंक के सामने करीब 9.66 लाख रुपये और सज्जू इन्क्लेव के सामने लगभग 9.78 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण कराया गया था। शिकायतों के बाद जांच कमेटी ने 19 मार्च 2026 को दोनों स्थलों का निरीक्षण किया और 23 मार्च को रिपोर्ट नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को सौंपी।सज्जू इन्क्लेव की ग्रीन बेल्ट में माप पुस्तिका में 700 वर्गमीटर खरपतवार हटाने का काम दर्ज था, जबकि मौके पर 500 वर्गमीटर मिला। मिट्टी भराई 175 घनमीटर दर्ज थी, लेकिन मौके पर 110 घनमीटर पाई गई। इसी तरह 1,700 गड्ढों के मुकाबले 1,200 गड्ढे मिले। कमेटी ने इस कार्य में 1,61,282 रुपये की कटौती की संस्तुति की।
रेलिंग के वजन और गुणवत्ता पर सवाल
जांच में लोहे की रेलिंग का वजन भी दर्ज मानक से कम मिला। रिपोर्ट के अनुसार, माप पुस्तिका में 12 किलोग्राम प्रति वर्गमीटर वजन दर्ज था, जबकि मौके पर अलग-अलग हिस्सों में करीब आठ किलोग्राम मिला।कृष्णा नगर की ग्रीन बेल्ट में मिट्टी भराई 175 घनमीटर दर्ज थी, जबकि मौके पर 150 घनमीटर मिली। मिट्टी में स्लज या खाद मिलाने का काम भी 700 वर्गमीटर के बजाय 615 वर्गमीटर पाया गया। क्यारियों, रेलिंग और सबमर्सिबल बोरवेल से जुड़े कार्यों में भी कमियां दर्ज की गईं। इस काम में 1,27,796 रुपये की कटौती की संस्तुति हुई।दोनों कार्यों में कटौती का जोड़ 2,89,078 रुपये है, जबकि रिपोर्ट में कुल राशि 2,89,079 रुपये दर्ज है। पौधों की देखभाल और पंप के मानकों पर भी सवाल उठे। अब सवाल है कि जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई कब होगी और सरकारी धन की जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी।