
11 साल के दिव्यांश की मामा ने पीट-पीटकर ली जान
pardarshi vikas news kanpur
रामानुज भागवत वेद विद्या पीठ में 11 वर्षीय छात्र दिव्यांश की पीट-पीटकर हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। गुरुकुल के संचालक और महंत सौरभ मिश्रा उर्फ कन्हैया ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने बताया कि दिव्यांश गुरुकुल की परंपरा और नियमों के अनुसार ढल नहीं पा रहा था। वह दिनभर शरारत करता, गाना गाता, डांस करता और अन्य बच्चों को भी अपने जैसा बना रहा था, जिससे उसे उससे चिढ़ होने लगी थी। आरोपी ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से उसने दिव्यांश को लगातार प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। उसे तेज धूप में नंगे पैर घंटों खड़ा रखा जाता था। कई बार उसके कपड़े उतरवाकर छत पर खड़ा किया जाता और छाया की ओर जाने पर डंडों से पीटा जाता। गुरुकुल में अन्य बच्चों को खाना दिया जाता, लेकिन दिव्यांश को भूखा रखा जाता था। जब वह भूख से रोता या चोरी-छिपे खाना खाने की कोशिश करता, तो उसे बेरहमी से पीटा जाता था। मंगलवार रात करीब 9 बजे आरोपी ने दिव्यांश को अकेले में ले जाकर बुरी तरह पीटा। उसने थप्पड़, लात-घूंसे, बेल्ट, चप्पल और डंडों से उसकी पिटाई की। रोने पर उसे घसीटकर दीवार पर पटक दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लग गई। आरोपी ने कबूल किया कि उसने उसकी पीठ पर लात मारी, जिससे वह दूर जाकर गिरा और सिर दीवार से टकरा गया। इसके बाद भी उसने मुंह दबाकर कई घूंसे मारे। पिटाई के बाद बच्चा बेसुध हो गया। सुबह जब आरोपी ने देखा तो दिव्यांश की मौत हो चुकी थी। घबराकर उसने अपनी गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी को बुलाया, जो पास ही किराये पर रहती थी। हर्षिता ने गुरुकुल के बच्चों को उनके घर भेजा और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें। इसके बाद उसने कार की व्यवस्था कराई और सौरभ ने दिव्यांश के शव को कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र स्थित गौरिया गांव में उसके घर के बाहर छोड़ दिया और फरार हो गया। पुलिस ने गुरुवार को बच्चे के अंतिम संस्कार के बाद पिता नरेंद्र कुमार द्विवेदी की तहरीर पर आरोपी सौरभ मिश्रा (27), निवासी छतरपुर, और उसकी गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी (23) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों वर्तमान में लखनऊ के पारा क्षेत्र में किराये पर रह रहे थे। पुलिस जांच में गुरुकुल की डीवीआर से मिली सीसीटीवी फुटेज ने पूरे मामले को और भयावह बना दिया। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि आरोपी पिछले तीन दिनों से दिव्यांश के साथ लगातार मारपीट कर रहा था। एक वीडियो में वह बच्चे को तेज धूप में हाथ ऊपर करवाकर घंटों खड़ा रखता दिखा। मेस की फुटेज में सभी बच्चे खाना खा रहे हैं, जबकि दिव्यांश एक कोने में बैठा रोता दिखाई दे रहा है। एक अन्य फुटेज में वह चोरी-छिपे साथियों का खाना खाता दिखा, जिसके बाद आरोपी ने उसके बाल पकड़कर घसीटा और बेरहमी से पीटा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने यह भी बताया कि उसके पिता भी महंत थे और गलती होने पर उसे और उसके भाई को इसी तरह पीटा करते थे। इसी कारण वह भी बच्चों की गलती पर हिंसक हो जाता था। उसने स्वीकार किया कि गुरुकुल के अन्य बच्चों के साथ भी वह इसी तरह मारपीट करता था। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। वहीं, हर्षिता सोनी पर साक्ष्य मिटाने और आरोपी की मदद करने का आरोप है। दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में भी आक्रोश है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और न्याय का भरोसा दिलाया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिला, जिसमें विधायक अमिताभ बाजपेई, नसीम सोलंकी, हसन रूमी और पूर्व सांसद राजाराम पाल सहित कई नेता शामिल रहे। सपा नेताओं ने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि यह घटना बेहद अमानवीय और शर्मनाक है। उन्होंने सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और गुरुकुल की कार्यप्रणाली को भी खंगाला जा रहा है।
बच्चे के किसी बात को न मानने पर संचालक सौरभ मिश्रा उर्फ कन्हैया ने उसे पीटा था। पूछताछ में उसने यह बात स्वीकार की है। उसकी गर्लफ्रेंड ने गुरुकुल से साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।-डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता
‘गर्लफ्रेंड ने साथ दिया, तोड़े सीसीटीवी कैमरे’
सौरभ ने बताया- दिव्यांश की मौत की खबर फैलते ही गुरुकुल के सारे बच्चे जमा हो गए। मैंने गुरुकुल के पास ही किराए पर रहने वाली गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी को बुलाया। उसने सभी बच्चों को अपने-अपने घर भेज दिया। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। मेरे लिए कार बुक की। मैं कार से दिव्यांश की लाश उसके घर के पास फेंक कर फरार हो गया। पुलिस ने डीवीआर खंगाली तो उसमें दिव्यांश के साथ हुई बर्बरता की ऐसी फुटेज मिली, जिससे पुलिस अधिकारी सन्न रह गए।