
पारदर्शी विकास न्यूज़ मुसाफिरखाना। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से निजामुद्दीनपुर क्षेत्र की तराई में बोई गई फसलें जलमग्न हो गई हैं। खेतों में पानी भरने से धान, उड़द, ज्वार, तिलहन और सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे किसानों के सामने आर्थिक नुकसान का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।किसानों के मुताबिक, समर बहादुर यादव की दो बीघा, विजय यादव की ढाई बीघा, संतोष यादव की डेढ़ बीघा और झेंगई की दो बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है। वहीं, नन्हेंलाल यादव की एक बीघा, भलई यादव की एक बीघा और राम सजीवन यादव की तीन बीघा में बोई गई उड़द, ज्वार और तिलहन की फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि खेतों में लगातार पानी भरा रहने से फसलें खराब होने की आशंका है। उन्होंने राजस्व और कृषि विभाग से मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है।