
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। राजर्षि रणंजय सिंह कॉलेज ऑफ फार्मेसी में शनिवार को चौथे राष्ट्रीय सीजीएमपी (करेंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) दिवस पर सेमिनार आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम ‘मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करना’ रही। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दवा निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता से जुड़े मानकों की जानकारी दी गई। सेमिनार में डॉ. धर्मेंद्र कुमार ओझा, डॉ. विनय कुमार पाठक, डॉ. जयदेव पांडेय, किरन शुक्ला, अमन श्रीवास्तव, प्रियांशु कृष्ण ओझा और अवनीश सिंह ने प्रस्तुतियों के माध्यम से सीजीएमपी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि औषधियों के निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करना आवश्यक है। इससे दवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के साथ मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।उन्होंने बताया कि सीजीएमपी के अंतर्गत दवा उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षित भंडारण सहित निर्माण प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में निर्धारित मानकों का पालन किया जाता है फार्मास्युटिकल उद्योग में इन प्रक्रियाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।सेमिनार का उद्देश्य फार्मेसी के विद्यार्थियों को दवा निर्माण की आधुनिक तकनीकों और गुणवत्ता संबंधी मानकों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में संस्थान के सभी शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।