
नगर पंचायत फाजिलनगर के अध्यक्ष पद के उप निर्वाचन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर के निर्देशन में चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश की अधिसूचना के अनुसार तय समय-सारिणी पर चुनाव प्रक्रिया संचालित होगी। प्रशासन का स्पष्ट फोकस है कि मतदान पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो, जिसके लिए हर स्तर पर व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं।
वाहनों पर सख्ती, सीमित रहेगा इस्तेमाल
प्रत्याशियों के लिए प्रचार में वाहन उपयोग को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं। प्रत्येक उम्मीदवार को केवल एक वाहन की अनुमति होगी, जिसके लिए विधिवत परमिट अनिवार्य होगा। वाहन पर प्रत्याशी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा और उसमें चालक सहित अधिकतम 6 लोग ही सवार हो सकेंगे।
आचार संहिता का उल्लंघन पड़ा भारी
चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की भड़काऊ भाषा, जातीय या धार्मिक भावनाएं उकसाने वाली गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी। व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और धार्मिक स्थलों का चुनावी इस्तेमाल सख्ती से वर्जित किया गया है। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन, शराब या अन्य प्रलोभन देने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
प्रचार के नियम स्पष्ट, मनमानी पर रोक
बिना अनुमति पोस्टर, बैनर या झंडे लगाने पर रोक लगा दी गई है। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी होगी और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इसका उपयोग पूरी तरह बंद रहेगा। प्रचार सामग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का विवरण देना अनिवार्य कर दिया गया है।
रैली और सभाओं पर प्रशासन की नजर
किसी भी सभा, रैली या जुलूस के आयोजन से पहले प्रशासन की अनुमति लेना जरूरी होगा। कार्यक्रम इस तरह आयोजित करने होंगे कि यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। रैलियों में हथियार या आपत्तिजनक सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
मतदान के दिन सख्त प्रोटोकॉल
मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का प्रचार पूरी तरह निषिद्ध रहेगा। मतदाताओं को लाने-ले जाने के लिए वाहन व्यवस्था भी प्रतिबंधित है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
48 घंटे का ‘साइलेंस पीरियड’ लागू
मतदान से 48 घंटे पहले सभी प्रकार के चुनाव प्रचार पर पूर्ण रोक रहेगी। इस दौरान किसी भी माध्यम से प्रचार-प्रसार करना दंडनीय होगा।
सत्ताधारी दल पर भी सख्त नियम
चुनाव के दौरान सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि सरकारी संसाधनों का उपयोग प्रचार में नहीं कर सकेंगे। नई योजनाओं या घोषणाओं पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
निगरानी तंत्र सक्रिय, संवेदनशील क्षेत्रों पर फोकस
जनपद में फ्लाइंग स्क्वाड, स्टैटिक सर्विलांस और वीडियो मॉनिटरिंग टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।
प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और मतदाताओं से नियमों का पालन करने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सहयोग की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या आचार संहिता उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।