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चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को भ्रष्टाचार मामले में मौत की सजा, शी जिनपिंग के अभियान से जुड़ी बड़ी कार्रवाई

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PARDARSHI VIKAS NEWS चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, दोनों को पहले दो साल तक जेल में रखा जाएगा और इस दौरान कोई नया अपराध न होने पर उनकी सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है।ली शांगफू को पिछले साल अचानक उनके पद से हटा दिया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। इसके बाद दोनों नेताओं को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत हाल के वर्षों में सेना और रक्षा क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।ली शांगफू पर गंभीर अनुशासन उल्लंघन, बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी गतिविधियों से सेना के हथियार विकास और रक्षा उपकरण प्रणाली की छवि को नुकसान पहुंचा। वहीं वेई फेंगहे पर भी रक्षा सौदों और सैन्य फैसलों में कथित रूप से रिश्वत लेने और अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं।वेई फेंगहे चीन की पीएलए रॉकेट फोर्स के प्रमुख भी रह चुके हैं, जो देश की परमाणु और लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली को नियंत्रित करती है। रिपोर्ट्स के अनुसार मौजूदा जांच का सबसे बड़ा फोकस इसी रॉकेट फोर्स और हथियार खरीद विभाग पर है, जहां रक्षा सौदों और सैन्य उपकरणों की खरीद में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार की आशंका जताई गई है।दोनों मामलों की जांच चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन की एजेंसियों ने की थी। इस संस्था की कमान राष्ट्रपति शी जिनपिंग के हाथ में है। विशेषज्ञों का मानना है कि सेना और एयरोस्पेस सेक्टर में हालिया कार्रवाई शी जिनपिंग की सत्ता और सैन्य ढांचे पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा भी मानी जा रही है।