
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। कभी तेज धूप तो कभी हल्की बारिश के बाद बढ़ी उमस के कारण पेट संबंधी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और शहर के प्रमुख अस्पतालों की गैस्ट्रो ओपीडी में इन दिनों मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। अस्पताल पहुंचने वाला हर तीसरा मरीज पेट दर्द, गैस और अपच की शिकायत लेकर पहुंच रहा है।गैस्ट्रो विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार के अनुसार, रोजाना करीब 250 से 300 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें 30 से 40 फीसदी मरीज मौसम में बदलाव के कारण पेट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। मरीजों में उल्टी, दस्त, पेट फूलना और गैस बनने की शिकायत सबसे ज्यादा देखी जा रही है।डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में तेजी से बदलाव आने पर शरीर का आंतरिक संतुलन प्रभावित होता है। आंतों में मौजूद गुड और बैड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने से पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। इससे आईबीएस जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।विशेषज्ञों ने सड़क किनारे बिकने वाले कटे फल और खुले जूस से बचने की सलाह दी है। उमस भरे मौसम में इनमें बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। डॉक्टरों ने हल्का भोजन करने, अधिक पानी पीने और कोल्ड ड्रिंक की जगह छाछ, मट्ठा और शिकंजी लेने की सलाह दी है। उल्टी-दस्त अधिक होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील भी की गई है।