
पारदर्शी विकास न्यूज़ अयोध्या। मंगलवार को बसपा प्रतिनिधि मंडल ने 3जून को हैदरगंज में मामूली विवाद में दबंगई के शिकार हुए पीड़ित दलित परिवार से मुलाकात की और घटना के बारे में जानकारी ली। बसपा सुप्रीमो मायावती ने घटना को संज्ञान में लिया है। दबंगई और मारपीट की घटना के बाद एक सप्ताह का समय बीत रहा है पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस ने न्याय प्रिय कार्रवाई के बजाय दलित परिवार के विरुद्ध झूठी रिपोर्ट दर्ज कर दी है।ग्राम पंचायत पचगंवा में 3 जून की रात करीब 9 बजे घर के सामने हैंडपंप पर शराब पीने से मना करना दलित परिवार को भारी पड़ गया। आरोप है कि मनबढ़ किस्म के दबंगों ने लाठी-डंडे और बाइक की चेन से हमला कर महिलाओं समेत आधा दर्जन लोगों को लहूलुहान कर दिया। हमले में 20 वर्षीय युवक अनुराग की आंख की रोशनी चली गई।घटना के वक्त कृपा शंकर कोरी के बच्चे घर पर पढ़ाई कर रहे थे। तभी गांव के राम नारायण, ओमप्रकाश व सूरज उनके घर के सामने हैंडपंप पर बैठकर शराब पीने लगे। भोजन के लिए जा रहे अनुराग को देखकर आरोपियों ने जातिसूचक गालियां दीं। विरोध करने पर आरोपी घर से और लोगों को बुला लाए और कृपा शंकर, अनुराग, मुकेश कुमार, गीता देवी व शीला देवी पर हमला कर दियासूचना पर पहुंची पुलिस ने बेहोशी की हालत में घायलों को सीएचसी भेजा, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 4 जून को रामनारायण यादव, ओमप्रकाश यादव, मोहित यादव, सूरज यादव व दान बहादुर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़ित परिवार का आरोप है कि एक माननीय नेता के दबाव में पुलिस ने दलितों पर भी मनगढ़ंत मुकदमा लिख दिया, जिससे परिवार में भय और आक्रोश है।मंगलवार को बसपा अयोध्या मंडल के मुख्य जोन प्रभारी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य दिलीप कुमार विमल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने घायल परिजनों से मुलाकात की। बसपा नेताओं ने पीड़ितों को न्याय और आर्थिक मदद का भरोसा दिया। साथ ही उच्च अधिकारियों से मांग की कि घायलों को सुरक्षा व आर्थिक सहयोग दिया जाए और सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।