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बकनहां में 180 फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण

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पारदर्शी विकास ब्यूरो कसया (कुशीनगर)। किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा गांवों को हराभरा बनाने के उद्देश्य से बुधवार को कसया क्षेत्र के बकनहां गांव स्थित शिव मंदिर परिसर में फलदार पौधों के निःशुल्क वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच, गोरखपुर के पूर्व सहायक निदेशक एवं गन्ना विकास सलाहकार ओम प्रकाश गुप्ता ने किया।कार्यक्रम के दौरान किसानों को कटहल, आंवला, जामुन, अमरूद, सहजन सहित विभिन्न प्रजातियों के कुल 180 पौधे निःशुल्क वितरित किए गए। इस अवसर पर उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि पेड़-पौधे प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। हरियाली के बीच रहने वाले लोग अधिक स्वस्थ और दीर्घायु होते हैं। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि वर्षा, जल संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।भारत सरकार के बागवानी कृषि वैज्ञानिक डॉ. आलोक कुमार गुप्ता ने कहा कि वृक्षारोपण ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि खेती और बागवानी एक-दूसरे के पूरक हैं तथा किसानों को पारंपरिक खेती के साथ फलदार पौधों का रोपण भी करना चाहिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति में वृक्षों के महत्व का उल्लेख करते हुए पीपल, वट और अन्य वृक्षों की धार्मिक एवं पर्यावरणीय उपयोगिता पर प्रकाश डाला।समाजसेवी एवं बकनहां शिव मंदिर की निर्माणकर्ता श्रीमती कमला गुप्ता ने कहा कि भारतीय परंपरा में वृक्षों को जीवनदाता माना गया है। उन्होंने वट वृक्ष से जुड़ी सावित्री-सत्यवान की कथा का उल्लेख करते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में प्रमुख कृषक जंटु कुशवाहा, घनश्याम कुशवाहा, आत्मा गुप्ता, रामउग्रह गुप्ता, वेद प्रकाश गुप्ता, परशुराम यादव, रमन कुशवाहा, गुड्डू कुशवाहा, मेहदी हसन, विजयी गुप्ता, बृजनारायण यादव, किशोर, गोरख कुशवाहा, सुशील कुशवाहा, मैनेजर कुशवाहा, उमेश चन्द्र गुप्ता तथा रमाकांत गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।