
PARDARSHI VIKASH NEWS अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक 29 से 31 मई को भुवनेश्वर में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से आए 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान शैक्षिक सुधार, महिला सुरक्षा, शहरी माओवाद और वैश्विक परिदृश्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई और चार प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए।बैठक में कहा गया कि शैक्षिक सुधारों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना आवश्यक है, जबकि शहरी माओवाद को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया गया। महिलाओं के शोषण और मतांतरण के मामलों पर सख्त रोक लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच संयम और सजगता के साथ राष्ट्रीय संकल्प की बात कही गई।संगठन ने नीट-यूजी, सीयूईटी और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं पर चिंता जताई और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही पारदर्शी और मजबूत परीक्षा प्रणाली विकसित करने पर बल दिया गया।बैठक में त्रिभाषा नीति के पूर्ण क्रियान्वयन और भारतीय भाषाओं में परीक्षाएं आयोजित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में रिक्त कुलपति पदों को शीघ्र भरने की मांग उठाई गई।अभाविप ने आगामी वर्षों में ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’, ‘SEIL@60’, आपातकाल के 50 वर्ष, गुरु तेगबहादुर के 350 वर्ष और संत रविदास के 650वें प्राकट्योत्सव जैसे विषयों पर देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की।संगठन ने उद्योग जगत से शोध, नवाचार और पेटेंट को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों में निवेश बढ़ाने की अपील करने का भी निर्णय लिया। अभाविप का कहना है कि इससे युवाओं के लिए नए अवसर बनेंगे और देश में नवाचार आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।