
pardarshi vikas news kanpur
कानपुर उत्तर स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई, जब भाजपा युवा मोर्चा के मंडल महामंत्री अमन सोनकर ने संगठन के ही एक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए धरना और प्ले कार्ड प्रदर्शन किया। शांतिपूर्ण तरीके से किए गए इस विरोध प्रदर्शन में उन्होंने जिला महामंत्री अभिनव दीक्षित पर जातिगत उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने जैसे आरोप लगाए। अमन सोनकर ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि अभिनव दीक्षित द्वारा उन्हें और उनके परिवार को लगातार मानसिक, सामाजिक और जातिगत रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी अभिनव दीक्षित अपने सहयोगियों अनुराग त्रिपाठी और चंद्र भूषण के साथ उनके घर पहुंचे थे, जहां गाली-गलौज के साथ दुकान में घुसकर मोबाइल और नगदी छीनने की घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले की शिकायत उन्होंने कमिश्नर कार्यालय में भी की थी, लेकिन बाद में संगठन और समाज के वरिष्ठजनों के हस्तक्षेप के बाद समझौता हो गया था।


सोनकर का कहना है कि समझौते के बाद कुछ समय तक मामला शांत रहा, लेकिन फिर से अभिनव दीक्षित द्वारा अपने साथियों के साथ उन्हें जातिसूचक गालियां देना, धमकाना और सार्वजनिक रूप से बदनाम करना शुरू कर दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ रसूख का इस्तेमाल कर एक मुकदमा दर्ज कराया गया और उसके आधार पर उनके ऊपर जिला बदर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई कराई गई।धरने के दौरान अमन सोनकर ने कहा कि यह संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति समाज के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार के भेदभाव और अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भी उनका समर्थन किया और पार्टी कार्यालय के बाहर विरोध दर्ज कराया। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने मामले को आंतरिक बताते हुए कहा कि संगठन स्तर पर बातचीत के माध्यम से इसका समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस विषय में प्रदेश नेतृत्व से मुलाकात कराई जाएगी, ताकि निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित हो सके।पूरे घटनाक्रम के चलते भाजपा कार्यालय में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। हालांकि, विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। अब सभी की नजरें संगठन के अगले कदम और इस विवाद के समाधान पर टिकी हुई हैं।