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बीबीएयू के डॉ. नीरज तिवारी को राष्ट्रीय जिम्मेदारी

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पारदर्शी  विकास न्यूज़   लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU), लखनऊ के सैटेलाइट सेंटर, अमेठी के सहायक आचार्य डॉ. नीरज कुमार तिवारी को भारत सरकार के संचार मंत्रालय के अधीन दूरसंचार विभाग के टेलीकम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) ने वर्ष 2026-27 के लिए क्वांटम टेक्नोलॉजी डिवीजन की दो प्रमुख राष्ट्रीय समितियों—सब डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन कमेटी और मैन्युफैक्चरर फोरम—का सदस्य नामित किया है। इसे विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इन समितियों में देश के प्रमुख IIT, IISc, IISER, NIT, BHU, C-DOT और DRDO सहित अग्रणी वैज्ञानिक संस्थानों एवं उद्योगों के विशेषज्ञ शामिल हैं। समितियां क्वांटम कम्युनिकेशन, सुरक्षित दूरसंचार नेटवर्क, 6G तकनीक और पोस्ट-क्वांटम सुरक्षा से जुड़े राष्ट्रीय तकनीकी मानकों और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डॉ. तिवारी वर्ष 2014 में ई-हेल्थ और ग्रीन कम्युनिकेशन के क्षेत्र में अपने शोध कार्यों से चर्चा में आए थे। पिछले एक दशक में उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में निरंतर शोध किया है। उनके 60 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं तथा पांच पुस्तकें भी प्रकाशित हैं, जिनमें तीन अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित की गई हैं। उन्होंने अनेक पीएचडी और एमटेक शोधार्थियों का मार्गदर्शन भी किया है।डॉ. तिवारी 20 से अधिक देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके शोध कार्यों के लिए उन्हें 30 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। उन्नाव जिले के ग्राम धनीखेड़ा के निवासी डॉ. तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय समितियों में कार्य करने से BBAU के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को क्वांटम कम्युनिकेशन, 6G नेटवर्क्स और एमेर्जिंग टेक्नोलॉजीज के क्षेत्र में देश के शीर्ष वैज्ञानिकों के साथ सीखने और शोध करने का अवसर मिलेगा। उनके नेतृत्व में प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय के 20 से 25 विद्यार्थी इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में भी प्रतिभाग करते हैं।
कुलपति प्रो. आर.के. मित्तल ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि डॉ. तिवारी का चयन संस्थान की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। इस अवसर पर प्रो. शिल्पी वर्मा, प्रो. शिशिर श्रीवास्तव, प्रो. विक्टर बाबू, प्रो. धीरेंद्र पांडेय, प्रो. राजश्री, प्रो. के.के. पांडेय और जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शंकर के. लाल, डॉ. राजेश कुमार सहित विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई दी।