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अपात्रों को जाति प्रमाणपत्र जारी करने पर रोक की मांग

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पारदर्शी विकास न्यूज़  कुशीनगर। भारतीय बौद्ध महासभा तहसील इकाई खड्डा ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में सख्ती बरतने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी खड्डा डॉ. संत राज सिंह बघेल को पत्र सौंपकर आवेदकों के पैतृक अभिलेखों, राजस्व रिकॉर्ड और स्थलीय स्थिति की जांच कराने का अनुरोध किया। महासभा का आरोप है कि तहसील क्षेत्र में कुछ अपात्र लोग भी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। संगठन ने कहा कि गलत तरीके से प्रमाणपत्र जारी होने से वास्तविक पात्र लोगों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं और आरक्षण का लाभ भी जरूरतमंदों तक पहुंचने में बाधा आ सकती है।पदाधिकारियों ने मांग की कि प्रमाणपत्र जारी करने से पहले पुराने पैतृक अभिलेख, खतौनी, राजस्व दस्तावेज और मौके की स्थिति का विधिवत सत्यापन कराया जाए। जांच में पात्र पाए जाने के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किया जाए। महासभा ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई और उसकी जानकारी संगठन को देने की मांग की। इस दौरान सुभाष गौतम, दीपलाल भारती, प्रकाश बहादुर, विजय भारती, मोतीलाल चौधरी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।