
स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत बेनीपुर में एफ एस टी पी संचालित, वाटर एड संस्था ने 2023मे बनाकर ग्राम पंचायत को हैंडओवर किया
एक आपरेटर देख रहा है काम
8जुलाई को प्लांट का विजिट करेगी भारत सरकार की टीम
संजीव भारती/ललित कुमार
PARDARSHI VIKASH NEWS अमेठी। सेप्टिक टैंकों के मल से जैविक खाद बनाने का काम बेनीपुर के फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में शुरू हो गया है। बेनीपुर में इस संयंत्र की स्थापना स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत की गई है। लगभग 5साल पहले इसकी स्थापना हुई थी।वाटर एड संस्था ने इसको बनाकर ग्राम पंचायत को सौंपा है।इस प्लांट से अभी तक तीस किसानों को एक -एक बोरी जैविक खाद दी जा चुकी है। संयंत्र से जैविक खाद का उत्पादन धीमी गति से चल रहा है। आसपास की एक दर्जन ग्राम पंचायतों से एफ एस टी पी को सैप्टिक टैंक का मल पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है।8 जुलाई को इस प्लांट की विजिट के लिए भारत सरकार की टीम आने वाली है। प्लांट में इस समय रिपेरिंग का काम चल रहा है। परिसर की इंटरलांकिग कई जगह बैठ गई है।रविवार को पारदर्शी विकास की टीम ने प्लांट का भ्रमण किया। प्लांट पर संदीप कुमार को आपरेटर के रूप में तैनात किया गया है। ग्राम पंचायत बेनीपुर इसे12हजार रु प्रति माह मानदेय देती है। यहां का काम यही देख रहा है।
97लाख रु की लागत से 2023में बनकर तैयार हुआ संयंत्र
अमेठी।एफ एस टी पी की निर्माण लागत लगभग 97लाख है। वाटर एड से संस्था ने इसे बनाकर दिया है। अमेठी और भेंटुआ विकास खंड की एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों को इससे कनेक्ट किया गया है,किंतु इन पंचायतों से सैप्टिक टैंक का मल नहीं मिल पाता है।नगर पंचायत अमेठी, मुसाफिरखाना,नगर पालिका परिषद जायस और गौरीगंज की गाड़ियां यहां सैप्टिक टैंक का मल खाली करती हैं।मल से जैविक खाद तैयार की जा रही है।
जैविक खाद का उत्पादन कम हो रहा है, अभी तक अधिकारियों ने उत्पादन बढ़ाने पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत अधिकारी हेमंत पांडे ने बताया कि गांवों में अधिकांशतः छोटे छोटे शौचालय हैं, सैप्टिक टैंक बड़े परिवारों में ही हैं।
किसानों को फ्री में दी जा रही है जैविक खाद
अमेठी। आपरेटर संदीप कुमार ने बताया कि अभी तक दो बार प्लांट से खाद निकाली गई है।तीस बोरी बंट चुकी है,शेष सूख रही है। किसानों को इसका खेती में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
लगभग छः महीने से प्लांट संचालित है। प्लांट से मिलने वाली खाद का रिस्पांस बहुत अच्छा है, सब्जियों की खेती और गमलों में इसका बेहतर उपयोग किया जा सकता है। प्लांट से उत्पादन शुरू होने के बारे में प्रचार प्रसार किया जा चुका है।डी पी आर ओ महोदय स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं।
सुनील कुमार .ग्राम प्रधान, बेनीपुर