
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। उत्तर प्रदेश की पूर्व प्राविधिक शिक्षा मंत्री एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी डॉ. अमीता सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर रविवार को ‘अमेठी मैराथन 2026’ का आयोजन किया गया। राजर्षि रणंजय सिंह जनकल्याण समिति की ओर से आयोजित 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन में अमेठी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से कुल 540 एथलीटों ने प्रतिभाग किया। मैराथन सुबह 6:30 बजे मिश्रौली स्थित स्वामी शांतानंद पुजारी इंटर कॉलेज से शुरू हुई और 21 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद श्री आसलदेव इंटर कॉलेज, पीपरपुर में संपन्न हुई।पुरुष वर्ग में दीपक पाल ने सबसे तेज दौड़ लगाते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। सचिन कुमार दूसरे और उमेश प्रजापति तीसरे स्थान पर रहे। सुभाष यादव ने चौथा, मो. दानिश ने पांचवां, अमन सिंह ने छठा, सोनू कश्यप ने सातवां, अमित सिंह ने आठवां, महेश यादव ने नौवां और विपिन यादव ने दसवां स्थान प्राप्त किया।महिला वर्ग में फूलन पाल ने प्रथम स्थान हासिल कर बाजी मारी। श्रेया दूसरे और अन्नू पाल तीसरे स्थान पर रहीं। बौद्ध ने चौथा, प्रार्ची वर्मा ने पांचवां, रागिनी ने छठा, किरन ने सातवां, कोमल यादव ने आठवां, श्रेयांशी सिंह ने नौवां और चांदनी यादव ने दसवां स्थान हासिल किया।श्री आसलदेव इंटर कॉलेज में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पद्मश्री एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित ओलंपियन सुधा सिंह, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पंकज सिंह, एशियाई खेलों में नौकायन में कांस्य पदक विजेता सलमान खान तथा राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग खिलाड़ी रुचि सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अमीता सिंह ने की। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह मुख्य संरक्षक एवं मार्गदर्शक रहे। जिलाधिकारी शशांक चौधरी मुख्य अतिथि और पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता राजकुमारी आकांक्षा सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं और उन्होंने अतिथियों का स्वागत किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अमीता सिंह ने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में 1982 एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीतना उनके जीवन का स्वर्णिम पल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘खेलो इंडिया’ विजन और मुख्यमंत्री की ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ नीति से देश और प्रदेश में खेलों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि यह मैराथन केवल दौड़ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वस्थ, सशक्त और विकसित अमेठी के निर्माण का सामूहिक संकल्प है। अमेठी के गांव-देहात से प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने स्मार्ट शहरों की तर्ज पर स्मार्ट गांव विकसित करने की बात भी कही।पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह ने कहा कि अमेठी की धरती ने देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंकज सिंह और सुधा सिंह ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि ग्रामीण युवाओं में असीम क्षमता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पंकज सिंह ने कहा कि अमेठी की मिट्टी से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि अमेठी में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों का परिणाम है कि यहां के युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।पद्मश्री एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित ओलंपियन सुधा सिंह ने कहा कि दो बार ओलंपिक में हिस्सा लेना और एशियन गेम्स में देश का नाम रोशन करना कठिन परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खिलाड़ियों को सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के साथ अमेठी मैराथन जैसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहे हैं।जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने कहा कि खेलों का सामाजिक योगदान महत्वपूर्ण है। खेल व्यक्ति में अनुशासन की भावना विकसित करते हैं और यह आयोजन अमेठी के युवाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा अवसर है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने कहा कि मैराथन में सबसे अंत में दौड़ पूरी करने वाला प्रतिभागी भी उतना ही सफल है, जितना पहले स्थान पर पहुंचने वाला खिलाड़ी, क्योंकि उसने 21 किलोमीटर की चुनौती पूरी की है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में आखिरी तक डटे रहना ही महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने इसे अमेठी में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।पुरुष और महिला दोनों वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 51 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पर 31 हजार रुपये, तृतीय स्थान पर 21 हजार रुपये और चतुर्थ स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। पांचवें से दसवें स्थान तक के प्रतिभागियों को पांच-पांच हजार रुपये, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन ने अमेठी के युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा दिया।
