
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी।
लगातार हो रही बारिश से अमेठी में जनजीवन प्रभावित है। बुधवार और गुरुवार के बीच 24 घंटे में जिले में 27.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही जिले में बारिश का आंकड़ा सामान्य के सापेक्ष 64 फीसदी तक पहुंच गया है। बारिश के कारण कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला जारी है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार से जुड़े काम भी प्रभावित हुए हैं।लगातार बारिश के चलते बीबी राम जी योजना के तहत गांवों में काम लगभग ठप हो गए हैं। नए कार्यों को मंजूरी नहीं मिल पा रही है और पुराने काम भी बंद पड़े हैं। खंड विकास अधिकारी दिव्या सिंह के अनुसार मौसम खराब होने से रोजगार सृजन प्रभावित हुआ है। मौसम साफ होने के बाद काम तेजी से शुरू कराने की तैयारी है।शहर में जलभराव की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। रामलीला मैदान तालाब में तब्दील हो गया है। एसडीएम कॉलोनी में पानी मकानों के गेट तक पहुंच गया है, जबकि एसडीएम आवास भी जलभराव की चपेट में है।उधर, गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से 3.210 मीटर नीचे बह रही है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। नौकायन, तैराकी और पशुओं को नदी में नहलाने से बचने को कहा गया है। संभावित बाढ़ और कटान की स्थिति से निपटने के लिए जिले में 15 नावें तैयार रखी गई हैं और नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।बारिश को देखते हुए कक्षा आठ तक के सभी विद्यालयों में विशेष अवकाश भी घोषित किया गया। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है।

जनसुनवाई में फरियादियों का टोटा रहा
गुरुवार को जनसुनवाई के समय बारिश न होने के बावजूद फरियादी कलेक्ट्रेट, तहसील और विकास खंड मुख्यालयों पर नहीं आए।कलेक्ट्रेट में डी एम की जनसुनवाई में फरियादियों की संख्या इकाई में रही। विकास भवन और तहसील में फरियादी नजर नहीं आए। विकास खंड अमेठी में जनसुनवाई के समय दो ग्राम प्रधान खंड विकास अधिकारी से मिलने के लिए पहुंचे और सेक्टर प्रभारी को बदलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।बांहापुर और कटरा रानी के प्रधान इन्द्र देव पाठक और संकटा प्रसाद यादव ने सेक्टर प्रभारी मनीराम सरोज की जांचों पर सवाल उठाए और खंड विकास अधिकारी से उन्हें बदलने का अनुरोध किया।
जलभराव की समस्या का नहीं हो पा रहा निदान
नगर में जलभराव की समस्या का कोई निदान नहीं हो पा रहा है। रामलीला मैदान तालाब की शक्ल में बदल गया है।एस डी एम कालोनी में बारिश का पानी मकानों के गेट तक पहुंच गया है।एस डी एम आवास पानी में डूबा हुआ है।