news-details

400 से अधिक श्रमिकों का प्रदर्शन

You can share this post!


न्यूनतम वेतन और ओवरटाइम भुगतान की उठाई मांग

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। दादानगर स्थित एक निजी चमड़ा उत्पाद निर्माण इकाई के सैकड़ों कर्मचारियों ने शनिवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने काम बंद कर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल रहीं। कर्मचारियों का कहना है कि उनसे निर्धारित आठ घंटे की बजाय 10 से 12 घंटे तक काम कराया जाता है, लेकिन इसके बदले ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल 7 से 10 हजार रुपये तक वेतन दिया जा रहा है, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन इससे कहीं अधिक है।प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि रविवार को भी ड्यूटी कराई जाती है, लेकिन उसका अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता। उनका कहना है कि यदि कोई कर्मचारी अपने अधिकारों की बात करता है तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।प्रदर्शन में शामिल कर्मचारी शुभम ने बताया कि श्रमिकों से लगातार अतिरिक्त समय तक काम कराया जाता है। उन्होंने मांग की कि सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन दिया जाए और ओवरटाइम का भुगतान नियमानुसार दोगुना किया जाए। उनका कहना है कि श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।महिला कर्मचारी आरती ने आरोप लगाया कि काम का दबाव अधिक है, लेकिन वेतन बहुत कम दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं कर्मचारी आरिमा खान ने बताया कि कई कर्मचारियों से 12 घंटे तक काम कराया जाता है, लेकिन वेतन आठ घंटे के मानक के अनुसार भी नहीं दिया जाता। उन्होंने ओवरटाइम, बोनस और साप्ताहिक अवकाश से जुड़े नियमों के पालन की मांग की।प्रदर्शन में शामिल श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी में सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि परिसर में फायर सेफ्टी और मेडिकल सुविधाओं का अभाव है। महिला कर्मचारियों ने देर रात तक ड्यूटी कराए जाने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई।श्रमिकों ने प्रशासन और श्रम विभाग से हस्तक्षेप कर मामले की जांच कराने तथा न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम भुगतान और श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।वहीं प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई घंटे बीत जाने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी बात सुनने मौके पर नहीं पहुंचा। श्रमिकों ने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और श्रम विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।