
PARDARSHI VIKASH NEWS श्रीपंचायती अखाड़ा निरंजनी (हरिद्वार) के पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि यदि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी हुई है तो दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मामले की निष्पक्ष जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी।उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक वह पूरे घटनाक्रम के साक्षी रहे हैं। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ, बद्रीनाथ और महाकाल लोक जैसे धार्मिक स्थलों का विशेष महत्व है। ऐसे में श्रीराम मंदिर से जुड़े किसी भी मामले में लापरवाही या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा।कैलाशानंद गिरि ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच पर उन्हें पूरा भरोसा है। जांच पूरी होने के बाद यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना जांच पूरी हुए किसी भी ट्रस्ट पदाधिकारी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है। मंदिर प्रबंधन पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। उनके अनुसार देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के संचालन में संतों की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए, जबकि सरकार निगरानी की जिम्मेदारी निभाए ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो।सावन माह की तैयारियों पर बोलते हुए कैलाशानंद गिरि ने कहा कि सामान्य श्रद्धालु भी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान शिव की उपासना कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि गंगाजल, बिल्वपत्र और सच्ची आस्था से किया गया पूजन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। यदि पूजा सामग्री उपलब्ध न हो तो मन से भगवान का स्मरण और शिव मानस पूजा का पाठ भी उतना ही फलदायी माना गया है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सावन में संयम, भक्ति और सेवा का संकल्प लेने की अपील की।