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सामूहिक विवाह में जनप्रतिनिधि नदारद, चर्चा में आयोजन!

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सामूहिक विवाह में मीडिया और जनप्रतिनिधि गायब, उठे सवाल!


पारदर्शी  विकास न्यूज़  अमेठी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत गुरुवार को नगर के एक मैरिज लान में बदले हुए मौसम के बीच सामूहिक विवाह का आयोजन सम्पन्न हो गया। आयोजन के विषय में मीडिया कर्मियों को कानों-कान कोई खबर नहीं दी गई।समारोह में भादर, भेंटुआ एवं अमेठी विकासखंड तथा नगर पंचायत अमेठी के कुल 100 जोड़ों का विवाह विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया। इनमें 97 जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज से तथा तीन जोड़ों का विवाह मुस्लिम रीति-रिवाज से कराया गया। कार्यक्रम में विकासखंड भादर के 36, भेंटुआ के 25, अमेठी के 34 तथा नगर पंचायत अमेठी के पांच जोड़े शामिल हुए। सामूहिक विवाह समारोह में नवदंपतियों एवं उनके परिजनों में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम के दौरान नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाण पत्र एवं उपहार सामग्री प्रदान की गई तथा उनके सुखद वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला सहित संबंधित अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया। उन्होंने नवदंपतियों के सुखमय एवं सफल वैवाहिक जीवन की कामना की। जिला समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत पात्र जोड़ों का विवाह सामूहिक रूप से संपन्न कराया जाता है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान करना तथा विवाह संबंधी आर्थिक बोझ को कम करना है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के लिए कुल एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। इसमें 64,000 रुपये कन्या के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं, 21,000 रुपये की उपहार सामग्री प्रदान की जाती है तथा 15,000 रुपये समारोह के आयोजन पर व्यय किए जाते हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से विभिन्न समुदायों के पात्र जोड़ों को उनकी धार्मिक परंपराओं के अनुरूप विवाह का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। सामूहिक आयोजन से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने के साथ ही सामाजिक सहयोग एवं समरसता को भी बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम में डीसी मनरेगा शेर बहादुर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी विकास मौर्या, संबंधित विकासखंडों के खंड विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



मीडिया को नहीं दी गई जानकारी, चुपके से हुआ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत गुरुवार को हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम के बारे में मीडिया को कोई भी जानकारी नहीं दी गई।  समाज कल्याण अधिकारी और सूचना अधिकारी की ओर से पहले के कार्यक्रमों में विज्ञप्ति जारी करके मीडिया के लोगों को आमंत्रित किया जाता था,इस बार किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई।जिले के प्रथम नागरिक और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि को भी आयोजन में नहीं बुलाया गया। जिले के विधायक और सांसद भी आयोजन में नहीं बुलाए गए थे।