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सीएस 2030 सेमिनार में कंपनी सचिवों की बदलती भूमिका पर मंथन

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पारदर्शी विकास न्यूज़ वाराणसी। आईसीएसआई के नॉर्दर्न इंडिया रीजनल काउंसिल के वाराणसी चैप्टर की ओर से महमूरगंज स्थित होटल संकल्प बनारस में “सीएस 2030–कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ईएसजी, कॉरपोरेट गवर्नेंस एवं बौद्धिक संपदा अधिकार” विषय पर विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल रहे। आईसीएसआई अध्यक्ष सीएस पवन जी. चांडक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।तकनीकी सत्रों में सीए हिमांशु सिंह और सीएस आनंद वर्मा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ईएसजी, कॉरपोरेट गवर्नेंस और बौद्धिक संपदा अधिकारों के बदलते स्वरूप पर जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि भविष्य में कंपनी सचिवों की भूमिका केवल अनुपालन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे रणनीतिक सलाहकार और व्यावसायिक भागीदार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वाराणसी चैप्टर अध्यक्ष सीएस नीरज तिवारी ने सीएस 2030 को पेशे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कंपनी सचिवों ने सहभागिता की।