
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में परीक्षा से जुड़े अधिकारियों, केंद्र व्यवस्थापकों तथा सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन करें और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापकों और मजिस्ट्रेटों को परीक्षा से पूर्व परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन करने तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर बिजली, पेयजल, चिकित्सा सुविधा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए प्रवेश द्वारों पर छाया की व्यवस्था करने को भी कहा। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह ने पुलिस अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों के आसपास मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनपद के 12 परीक्षा केंद्रों पर 8, 9 एवं 10 जून 2026 को परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में संपन्न कराई जाएगी, जिसमें प्रत्येक पाली में 4,752 अभ्यर्थी शामिल होंगे। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश द्विवेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
“उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा को पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचिता के साथ संपन्न कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों, केंद्र व्यवस्थापकों और मजिस्ट्रेटों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा से संबंधित प्रत्येक व्यवस्था समय से सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, विद्युत, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। नकल या किसी भी तरह की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”-जिलाधिकारी संजय चौहान