
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। विश्व बौद्ध महासंघ ने पालि भाषा के सम्मान और संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। संगठन ने जनगणना-2027 के दौरान बौद्ध धम्म के अनुयायियों से धर्म कॉलम में “बौद्ध धम्म” और भाषा कॉलम में “पालि” दर्ज कराने की अपील की है। महासंघ के राष्ट्रीय संरक्षक आर.सी. बौद्ध ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या गणना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और भाषिक पहचान का आधिकारिक दस्तावेज होती है। उन्होंने कहा कि पालि भाषा भारत की प्राचीन बौद्ध परंपरा और मानवतावादी चिंतन की महत्वपूर्ण धरोहर है, जिसमें भगवान बुद्ध की शिक्षाएं संरक्षित हैं।उन्होंने लोगों से अपील की कि जनगणना के दौरान पालि भाषा का उल्लेख गर्वपूर्वक करें, जिससे इसके संरक्षण और पुनर्जीवन को बल मिल सके।