
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने पार्टी के सभी स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से 24 अक्टूबर को पोलिंग बूथों पर पहुंचकर मतदाता सूची में नए नाम जुड़वाने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं और किन्हीं कारणों से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए लोगों के आवेदन करवाए जाएं। सभी विधानसभा क्षेत्रों में इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए निर्वाचन आयोग का सहयोग किया जाए। विश्वनाथ पाल ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार सबसे बड़ा अधिकार है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस अधिकार के लिए जीवनभर संघर्ष किया, जबकि मान्यवर कांशीराम ने बहुजन समाज को मताधिकार के महत्व और उसके इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने में अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि मत अमूल्य है और इसकी खरीद-फरोख्त करने वाले लोग लोकतंत्र के दुश्मन हैं।
भाजपा, सपा और कांग्रेस पर साधा निशाना
बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा, सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उनके राजनीतिक चरित्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता विभिन्न सरकारों के कार्यकाल की तुलना कर रही है। उनके अनुसार, मायावती सरकार ने शिक्षा को मजबूत करने के लिए पांच हजार प्राथमिक विद्यालय खोले और सैकड़ों शिक्षण संस्थान संचालित किए। उन्होंने भाजपा पर गरीबों की प्राथमिक शिक्षा को प्रभावित करने और स्कूलों के आसपास शराब के ठेके खोलने का आरोप लगाया।विश्वनाथ पाल ने सपा सरकार पर बैकलॉग भर्तियों, पदोन्नति में आरक्षण और ठेकेदारी में आरक्षण से जुड़े फैसलों को लेकर भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सरकार के दौरान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों को रिवर्ट किया गया तथा मायावती सरकार में बहुजन महापुरुषों के नाम पर बनाए गए कुछ जिलों के नाम समाप्त किए गए।उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के नाम से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों को अपनी नीतियों और कार्यों के आधार पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए।