news-details

मान्यवर कांशीराम दूसरे अम्बेडकर

You can share this post!

महिलाओं को बराबरी का अधिकार: भारती

Pardarshi Vikas News Amethi

संग्रामपुर सोमवार की शाम चमनगंज में अम्बेडकर सेवा समिति की ओर से संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई।कार्यक्रम में बहुजन महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पार्चन के साथ भारतीय संविधान की भी पूजा की गई और भारतीय संविधान को घर -घर पढ़े जाने का संदेश दिया गया। बच्चों और किशोरों ने बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के जीवन दर्शन पर आधारित गीत संगीत प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में बामसेफ के जिला संयोजक और वरिष्ठ पत्रकार संजीव भारती ने लोगों को संबोधित किया। अपने 35मिनट के भाषण में उन्होंने मंच के बैनर पर प्रदर्शित 14बहुजन महापुरुषों और बैनर के केंद्र में स्थापित आयरन लेडी बहन मायावती जी के जीवन संघर्षों का उल्लेख किया और कहा कि बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने भारत को दुनिया का सबसे अच्छा संविधान और समता, ममता, करूणा और प्यार के संदेश वाला सबसे अच्छा धम्म बौद्ध धम्म दिया है। मान्यवर कांशीराम साहब भारत के दूसरे अम्बेडकर हैं, उन्होंने बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के विचारों को दुनिया के धरातल पर उतारने का काम किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में महिला अधिकारों और नारी शक्ति वंदन पर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने की संकल्पना और विचार बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के मन में आजादी के पहले ही आ गया था। नौकरियां कर रही महिलाओं को बिना वेतन कटौती के मातृत्व अवकाश,बाल्य देखभाल अवकाश बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की देन है। महिलाओं को सम्पत्ति में बराबरी का अधिकार, बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की सोच से ही मिला है। महिलाओं को स्वतंत्र रूप से जीवन जीने और पारिवारिक और घरेलू हिंसा से निजात दिलाने के लिए बाबा साहब डॉ अम्बेडकर हिन्दू कोड बिल पास कराना चाहते थे। तत्कालीन कांग्रेस सरकार के नेताओं और सदन ने इसका विरोध किया, दुःखी मन से बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक त्रिसरण पंचशील, महापुरुषों और भारतीय संविधान की पूजा वंदना के साथ हुई। अम्बेडकर सेवा समिति की केन्द्रीय कमेटी के अध्यक्ष संजय कुमार शास्त्री ने प्रेरक संदेशों के साथ कार्यक्रम का कुशल संचालन किया।-बेटी बेटा को पढ़ाओ, कोई न आंख दिखाएगा -शिक्षा शेरनी का वह दूध है जो पिएगा,वही गुर्राएगा -पंक्ति के साथ नौनिहालों को अच्छी शिक्षा के संदेश दिए।अम्बेडकर सेवा समिति की ओर से किशुन पाल, अशोक कुमार, श्याम कुमार, शुभम् कुमार और सूरज कुमार ने अतिथियों का स्वागत सम्मान किया।कवि और शिक्षक राम चन्द्र सरस ने सुंदर बुद्ध वंदना के माध्यम से समता, समानता मानवता और शांति के संदेश दिए।रणांजय इंटर कालेज ठेंगहा के उप प्राचार्य ध्रुव राज ने बौद्ध धम्म को दुनिया का सबसे बड़ा वैज्ञानिक धम्म बताया और कहा कि सम्राट अशोक महान के बाद बौद्ध धम्म के पुनरुत्थान में बाबा साहब डॉ अम्बेडकर का महान योगदान है।सुरेन्द्र अम्बेडकर ने भारतीय संविधान के अनुरुप आचरण और व्यवहार के संदेश दिए।समारोह के विशिष्ट अतिथि और भीमसेन इंटर कालेज के प्राचार्य डॉ शिव मिलन सरोज ने कहा कि भारतीय संविधान बहुजन समाज के लिए सबसे बड़ा धर्मग्रंथ है। वर्तमान समय में धर्म को संविधान के ऊपर स्थापित करने की कोशिश हो रही है,यह देश की एकता और अखंडता के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने मिशन और मूवमेंट को आगे बढ़ाने में समाज के कुछ स्वार्थवादी नेता बाधा बने हुए हैं, बहुजन समाज को इनसे सावधान रहने की जरूरत है।शिक्षक श्याम लाल ने मान्यवर कांशीराम के नारे -वोट से लेंगे सी एम्,पी एम, आरक्षण से एस पी,डी एम --की याद दिलाई ,हरी घास के हरे सांपों से सावधान रहने , आरक्षण और संविधान बचाने के संदेश दिए।सभा को भीमसेन इंटर कालेज के कला प्रवक्ता राजेश अकेला, विमल पासवान, चौधरी बेचू मंत्री, रामनरेश आदि ने संबोधित किया। बामसेफ के विधानसभा संयोजक फूल चंद्र बौद्ध,राम किशुन, रामदेव भजनी, ललित कुमार, तुलसी राम शास्त्री,शिव प्रकाश मौर्य, त्रिभुवन दत्त, दीपक आर्या, नन्हे लाल, मंजीत कुमार,ऊषा बौद्ध,दीपा बौद्ध ,मालती बौद्ध, राजकुमार आदि मौजूद रहे।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान 
कार्यक्रम के दौरान मालती देवी ने सामाजिक कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र और बच्चों को स्टेशनरी भेंट कर सम्मानित किया।दो दर्जन से अधिक लोग सम्मानित किये गये।गीत संगीत के लिए आयुष्मान और अपराजिता नाम के बच्चों को विशेष सम्मान दिया गया।