
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। लोक निर्माण विभाग चालू वित्तीय वर्ष में जिला मुख्यालय पर आठ सूट के निरीक्षण भवन का निर्माण कराएगा।लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत शासकीय भवनों पर सोलर रुफ टाप की स्थापना का कार्य कराने के साथ जगदीशपुर में चार सूट के निरीक्षण भवन का निर्माण कराएगा।लोक निर्माण विभाग के कार्यालय परिसर में मरम्मत के काम के साथ अमेठी और जगदीशपुर के पुराने निरीक्षण भवनों की मरम्मत का काम भी कराया जाएगा। हैलीपेड विहीन ब्लाक एवं तहसील मुख्यालयों पर हैलीपैड का निर्माण भी कराया जाएगा।लोक निर्माण विभाग के भवनों के नव निर्माण, विस्तार, पुनरूद्धार कार्य, जीर्णोद्धार और मरम्मत के लिए 13परियोजनाएं कार्ययोजना में शामिल की गई हैं।इन परियोजनाओं की निर्माण लागत 6.02करोड है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27की कार्ययोजना डी एम की स्वीकृति के बाद शासन को भेजी गई है।इस बार की कार्ययोजना में कार्यों की कुल संख्या 921है। परियोजनाओं की कुल निर्माण लागत लगभग 1365करोड रु है।कार्ययोजना में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत सड़कों के नव निर्माण की कुल 486परियोजनाएं शामिल हैं।जनप्रतिनिधियों, विधायकों और सांसद किशोरी लाल शर्मा से प्रस्ताव प्राप्त करने और इस्टीमेट तैयार करने में लगभग एक महीने का समय लगा है। पिछले वर्ष की कार्ययोजना के अवशेष तमाम कार्यों को भी चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है।परियोजनाओं को फाइनल करने के पहले कई बार बैठकें हुई हैं।तहसील मुख्यालय तिलोई, ब्लाक मुख्यालय तिलोई, ब्लाक मुख्यालय भेंटुआ, भादर, सिंहपुर, मुसाफिर खाना और जगदीशपुर में हैलीपेड के निर्माण का प्रस्ताव कार्ययोजना में शामिल हैं। निर्माण लागत 1.96करोड रु है।लोक निर्माण विभाग की चालू वित्तीय वर्ष की भवन निर्माण कार्य योजना में 11कार्य प्रांतीय खंड और दो काम निर्माण खंड से सम्बंधित हैं।निर्माण खंड ने निरीक्षण भवन जगदीशपुर की मरम्मत के लिए लगभग 25लाख और चार सूट के नये भवन के निर्माण के लिए 3.5करोड रु का इस्टीमेट मुख्यालय को प्रस्तुत किया है।निरीक्षण भवन अमेठी की मरम्मत और बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य के लिए 70 लाख रुपए का इस्टीमेट स्वीकृति के लिए भेजा गया है।नोडल अधिकारी और अधिशासी अभियंता इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार और अधिशासी अभियंता निर्माण खंड इंजीनियर रमेश चंद्र ने अधीनस्थ अभियंताओं के साथ स्थलीय निरीक्षण और बैठक के बाद सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को शामिल करते हुए अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता के मार्गदर्शन में कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया है।