
पारदर्शी विकास ब्यूरो / कुशीनगर कुशीनगर में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसा जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर कसया-देवरिया मार्ग पर रामाभार पुल के पास हुआ। कार सवार सभी युवक कसया में नवरात्रि का मेला देखकर घर लौट रहे थे। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।जानकारी के मुताबिक, तरकुलवा क्षेत्र के मठिया रुनी गांव के प्रधान शकुंतल प्रसाद का बेटा नितेश सोमवार शाम अपने दोस्तों के साथ कार से मेला देखने निकला था। रास्ते में उसने रामपुरगढ़ गांव के आदित्य कनौजिया और संजीव शर्मा को कार में बैठाया। इसके बाद मठिया रति निवासी अंकित प्रसाद, देउरवा निवासी अंकित यादव और अन्य दोस्तों को भी साथ लिया। कार में कुल आठ दोस्त सवार होकर मेले में गए थे। रात करीब 11:20 बजे सभी घर लौट रहे थे, तभी रामाभार पुल के पास हादसा हो गया।हादसे में नितेश कुमार (22), प्रदीप प्रसाद (23), संजीव शर्मा (21) और आदित्य कनौजिया (20) की मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य युवक घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल अंकित प्रसाद की हालत नाजुक बताई गई। चिकित्सकों ने उसे ब्रेन डेड बताए जाने के बाद गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया। अन्य दो घायलों का इलाज रविंद्रनगर स्थित मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।नितेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके दोनों बड़े भाई रेलवे में नौकरी करते हैं। आदित्य इंटरमीडिएट का छात्र था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता वेल्डिंग की दुकान चलाते हैं। संजीव शर्मा दो महीने पहले ही कतर से लौटा था और यहां वेल्डिंग का काम करता था। उसके पिता सिलाई की दुकान चलाते हैं। वहीं, प्रदीप प्रसाद शादी-विवाह समारोहों में कैमरामैन का काम करता था। चार भाइयों और एक बहन वाले परिवार में वह तीसरे नंबर पर था।परिजनों के मुताबिक, हिमांशु ने तेज रफ्तार में कार चलाए जाने की आशंका जताते हुए वापस कार से जाने से इनकार कर दिया था। उसने कहा था कि वे लोग गाड़ी तेज चलाते हैं, इसलिए वह उनके साथ नहीं जाएगा। इसके बाद वह कार से नहीं लौटा। हादसे के समय कार नितेश चला रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार में सवार युवकों में से एक रास्ते में उतर गया था।इस हादसे ने चार परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के बाद गांवों में शोक का माहौल है। तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।