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जाम ने ली मरीज की जान

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। ट्रैफिक जाम और लापरवाही का दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण एक बुजुर्ग मरीज की मौत हो गई। 75 वर्षीय रामचंद्र शुक्ला को गंभीर हालत में कार्डियोलॉजी ले जाया जा रहा था, लेकिन एम्बुलेंस को 7 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब 1 घंटे का समय लग गया।एम्बुलेंस चालक ने सायरन बजाकर और माइक से लगातार अपील कर रास्ता देने की गुहार लगाई, लेकिन व्यस्त सड़कों पर वाहन नहीं हटे। फजलगंज, मरियमपुर चौराहा और हैलट पुल पर एम्बुलेंस लगातार जाम में फंसी रही। करीब 25 मिनट तक केवल जाम में ही बर्बाद हो गए।जब मरीज को कार्डियोलॉजी अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पीछे बैठी परिजनों ने बताया कि एम्बुलेंस चालक ने पूरी कोशिश की, लेकिन भारी ट्रैफिक और अव्यवस्थित वाहनों के कारण रास्ता नहीं मिल सका।परिजनों के अनुसार, रामचंद्र शुक्ला को अचानक बेहोशी आने के बाद पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उन्हें कार्डियोलॉजी रेफर किया गया था। इसी दौरान यह दर्दनाक घटना हुई।मृतक के परिवार ने ट्रैफिक व्यवस्था और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कई स्थानों पर पुलिस मौजूद होने के बावजूद जाम नहीं खुल सका और एम्बुलेंस को प्राथमिकता नहीं दी गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक का अंतिम संस्कार भगवतदास घाट पर किया गया। इस घटना ने एक बार फिर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सायरन सुनने के बाद भी ट्रैफिक पुलिस फरमाती रही आराम
भाभी ओमी शुक्ला का आरोप है कि जाम में फंसी एम्बुलेंस जिस वक्त सायरन बजा रही थी तो फजलगंज व मरियमपुर चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिस आराम फरमा रहे थे। छांव के चक्कर में एक तरफ बैठे पुलिसकर्मियों ने जाम से एम्बुलेंस से निकालने की कोशिश तक नहीं की।जबकि चालक एम्बुलेंस के माइक से चीख-चीखकर मरीज होने की बात कहता रहा। गनीमत रही कि हैलट पुल पर एक कैमरे का फ्लैश चमकने पर ट्रैफिक पुलिस ने कुछ देर बाद जाम खुलवाने की खानापूरी करने में लग गए।