एचआईवी प्रभावितों की गोपनीयता और गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता
पारदर्शी विकास न्यूज़ कुशीनगर। राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से हुई कार्यशाला में स्वास्थ्यकर्मियों को एचआईवी/एड्स और यौन संचारित संक्रमणों के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ जांच, परामर्श, उपचार और फॉलोअप सेवाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश ने कहा कि एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के तहत प्रभावित लोगों की गोपनीयता, गरिमा और अधिकारों की रक्षा स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों को सम्मान और संवेदनशीलता के साथ सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी स्तर पर भेदभाव व सामाजिक कलंक स्वीकार नहीं किया जाएगा।सीएमओ ने सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एचआईवी स्क्रीनिंग, परामर्श और एआरटी सेवाओं से मरीजों को जोड़ने की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने 95-95-99 लक्ष्य की दिशा में समन्वित प्रयास और एचआईवी से जुड़े भेदभाव को समाप्त करने पर जोर दिया। कार्यशाला में स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के अधिकारों और सेवाओं के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।