
पारदर्शी विकास ब्यूरो कसया, कुशीनगर। “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करने और नई शिक्षा नीति-2020 के तहत बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को हाटा विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय भठही राजा में खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश सिंह ने शिविर की तैयारियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान बीईओ ने शिक्षकों की उपलब्धता, शैक्षणिक सामग्री वितरण, सुरक्षा व्यवस्था तथा स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार यह शिविर 13 मई से 19 मई 2026 तक देशभर के विद्यालयों में आयोजित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मातृभाषा के साथ दूसरी भारतीय भाषाओं के बुनियादी कौशल से जोड़ना है। शिविर में बच्चों को स्थानीय भाषाओं की वर्णमाला, संख्याएं, अभिवादन और सांस्कृतिक समझ विकसित करने वाली गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा।इस वर्ष शिविर की सबसे खास बात यह है कि पहली बार इंडियन साइन लैंग्वेज (भारतीय सांकेतिक भाषा) को भी शामिल किया गया है। इससे समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और विशेष जरूरत वाले बच्चों को भी भाषा सीखने की प्रक्रिया से जोड़ा जा सकेगा।प्रदेश स्तर पर स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा DIET प्राचार्यों एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को शिविर की सफलता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। शिविर का आयोजन परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और अन्य सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों में किया जाएगा।इस अवसर पर प्रधानाध्यापक राजीव नयन द्विवेदी, अमित सिंह, प्रवीण राव, राजन तिवारी सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।