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भाजपा में नई एंट्री से गौरीगंज में टिकट की जंग तेज, पुराने प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने!

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संजीव भारती 

पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। भाजपा में राकेश प्रताप सिंह की एंट्री के बाद अमेठी और गौरीगंज की सियासत में विधानसभा टिकट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने पुराने प्रतिद्वंद्वियों को एक साथ साधने और दावेदारों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती खड़ी हो सकती है। वहीं, समाजवादी पार्टी भी भाजपा की रणनीति का जवाब देने की तैयारी में जुटी है।पिछले विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी राकेश प्रताप सिंह ने भाजपा के चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी को हराया था। बाद में राकेश प्रताप सिंह ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की और सपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। बुधवार को उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि एक ही पार्टी में आने के बाद राकेश प्रताप सिंह और मटियारी के बीच तालमेल कैसे बनेगा और टिकट किसे मिलेगा।अमेठी विधानसभा सीट पर भी दावेदारों की लंबी सूची चर्चा में है। पूर्व राज्य मंत्री अमीता सिंह, रश्मि सिंह, शाम्भवी सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, काशी तिवारी, आकांक्षा सिंह, अमरेन्द्र सिंह पिंटू और भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ल के नाम सामने आ रहे हैं। भादर ब्लॉक प्रमुख प्रवीण कुमार सिंह भी दावेदारी कर रहे हैं।तिलोई में मंत्री राजा मयंकेश्वर शरण सिंह की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है, जबकि जगदीशपुर में विधायक सुरेश पासी के साथ उपमा सरोज और रचना कोरी के नाम चर्चा में हैं।उधर, बसपा अमेठी से ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने की तैयारी में बताई जा रही है। जितेंद्र कुमार मिश्र लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। सपा की रणनीति कांग्रेस के साथ गठबंधन पर भी निर्भर कर सकती है। ऐसे में सवाल यही है कि भाजपा पुराने प्रतिद्वंद्वियों को साथ रखकर टिकट का फैसला कैसे करेगी और क्या विपक्ष इस खींचतान का राजनीतिक लाभ उठा पाएगा?