
मनरेगा की तरह ही है विलम्बित भुगतान की स्थिति, ग्राम प्रधानों का मोह भंग, रोजगार सृजन बढ़ाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा
अमेठी में229ग्राम पंचायतों में नहीं हो रहे काम
अमेठी। मनरेगा की जगह केन्द्र सरकार की ओर से लाई गई बीबी जी राम जी योजना मजदूरों के हक के मामले में कोई खास परिवर्तन नहीं कर पाई है। रोजगार सृजन नहीं बढ़ पा रहा है।विलम्बित भुगतान की स्थिति मनरेगा की तरह ही बनी हुई है। दशहरा पर्व पर भी सभी मजदूरों के खाते में मजदूरी की धनराशि नहीं पहुंच पाई है। मनरेगा योजना विलम्बित भुगतान के कारण फेल हुई।लेबर और मैटेरियल पेमेंट समय से न होने के कार्यक्रम ग्राम प्रधानों ने योजना के क्रियान्वयन में रूचि लेना बंद कर दिया। मजदूर भी निराश हो गए।आज भी गांवों में पचास फीसदी से अधिक जाब कार्ड खाली पड़े हुए हैं। मनरेगा के करोड़ों रुपए के भुगतान बी बी जी राम जी योजना लागू होने के 6महीने बाद भी नहीं हो पाए हैं। पंचायत चुनाव के पहले पिछले भुगतान होंगे या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। कई ग्राम प्रधानों ने बताया कि योजना बदलने से कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, जैसे मनरेगा चल रही थी,वहीं स्थिति इस योजना की भी है।चार महीने से भुगतान लटके हुए हैं। विजय दशमी के पर्व पर भी सभी मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल पाई।
घिसट रही बीबी जी राम जी योजना,दो सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में नहीं हो रहे काम
जिले में बी बी जी राम जी योजना के काम दो सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में नहीं हो रहे हैं, जहां काम चल रहें हैं वहां कार्यस्थल पर मजदूर नहीं बढ़ पा रहे। मजदूरों की पत्नियां इस योजना की दिहाड़ी से बिल्कुल खुश नहीं हैं। योजना आगे बढ़े प्रभु राम जी भी कृपा नहीं कर रहे,कारण कुछ भी हो सकता है।बुधवार को जिले की 682ग्राम पंचायतों में से 453में काम हुए।229पंचायतों में कार्यों की प्रगति शून्य रही। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि 730 कार्यों में मजदूरों की संख्या 13723रही है। सबसे खराब स्थिति जिला मुख्यालय के विकास खंड गौरीगंज में है। यहां 32ग्राम पंचायतों में कोई काम नहीं हो रहे। विकास खंड जामों की 66में से 36ग्राम पंचायतों में बुधवार को शून्य प्रगति रही। विकास खंड भादर की 53में से 43ग्राम पंचायतों में काम चल रहें हैं परंतु मजदूरों की संख्या एक हजार से कम है। मुसाफिर खाना में 33, संग्रामपुर में 21, शाहगढ़ में 30, भेंटुआ में 39, बाजार सुकुल में 40, सिंहपुर में 35, तिलोई में 39ग्राम पंचायतों में काम चल रहे हैं। बाजार सुकुल और जामों विकास खंड में मजदूरों की संख्या दो हजार से अधिक है।आठ विकास खंड ऐसे हैं जहां मजदूरों की संख्या एक हजार से कम है। बुधवार की स्थिति के अनुसार भेंटुआ सबसे ठीक है, गौरीगंज विकास खंड की प्रगति सबसे अधिक खराब है।