
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कल्याणपुर क्षेत्र में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद विवाद खड़ा हो गया है। अभियान के दौरान कुछ दुकानों पर कार्रवाई और कुछ दुकानों को छोड़ दिए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर भेदभाव के आरोप लगाए हैं। वहीं कुछ लोगों ने क्षेत्रीय पार्षदों पर पैसे लेकर सड़क और फुटपाथ पर दुकानें लगवाने के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि पार्षदों ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र के पनकी रोड स्थित नारी कला केंद्र में जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में पहुंचे लोगों ने महापौर प्रमिला पांडेय से शिकायत की कि क्षेत्र में सड़क और फुटपाथ पर अवैध रूप से दुकानें लगाई जा रही हैं। लोगों ने कुछ जनप्रतिनिधियों पर अवैध दुकानों से वसूली के आरोप भी लगाए।शिकायत के बाद महापौर ने नगर निगम अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद नगर निगम प्रवर्तन दस्ते ने बंबा चौराहे से लोधेश्वर मंदिर तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान सड़क किनारे बने अवैध निर्माण और दुकानों को हटाने की कार्रवाई की गई।स्थानीय लोगों का आरोप है कि अभियान में समान रूप से कार्रवाई नहीं की गई। लोगों के अनुसार एक दुकान और उसके सामने लगे टट्टर को तोड़ दिया गया, जबकि आसपास की अन्य दुकानों को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने कई दुकानदारों को एक दिन के भीतर खुद अतिक्रमण हटाने का समय दिया।कार्रवाई से प्रभावित महिला दुकानदार सोहनी दीक्षित ने आरोप लगाया कि उनकी दुकान को जानबूझकर निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि वह किसी को कोई पैसा नहीं देती हैं, इसी वजह से उनकी दुकान पर कार्रवाई की गई, जबकि अन्य दुकानों को छोड़ दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अतिक्रमण हटाया जा रहा है तो सभी अवैध कब्जों पर समान कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों ने नगर निगम से निष्पक्ष अभियान चलाने की मांग की है।वहीं वार्ड के पार्षद दिनेश पासवान और आनंद शुक्ला ने उन पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नगर निगम की प्रक्रिया के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी से दुकान लगवाने के नाम पर पैसा लेने का आरोप पूरी तरह गलत है।फिलहाल अतिक्रमण अभियान के बाद क्षेत्र में माहौल गर्म है और स्थानीय लोग पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।