
बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। 29 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन समारोह के मद्देनजर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और जनसुविधाओं को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अमला लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है।
सीडीओ के नेतृत्व में एडीएम वित्त और अपर पुलिस अधीक्षक की संयुक्त टीम ने बांगरमऊ होते हुए हरदोई तक स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। लखनऊ मंडल के कमिश्नर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सघन गश्त के निर्देश दिए गए हैं।
लोकार्पण के दिन गंगा एक्सप्रेस-वे को पूरी तरह अवरोध मुक्त रखा जाएगा। उद्घाटन से पहले सभी इंटरचेंजों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। कार्यक्रम के दौरान आम वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रोक लगाई जाएगी, ताकि आयोजन सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
जनभागीदारी बढ़ाने के लिए उन्नाव, कन्नौज, शाहजहांपुर सहित अन्य जिलों से लोगों को लाने हेतु बसों की व्यवस्था की गई है। अकेले उन्नाव से करीब 500 बसों के माध्यम से लगभग 20 हजार लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक बस में एक कर्मचारी तैनात रहेगा, जबकि हर 10 बसों पर एक पर्यवेक्षक और 50 बसों पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
एडीएम वित्त सुशील गोंड ने बताया कि सभी विभागों के समन्वय से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। डायल 112, टोल प्लाजा सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और आपात सेवाओं पर विशेष फोकस रखा गया है।