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1200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों का होगा परीक्षण, दिव्यांगजनों के लिए रैंप अनिवार्य

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मतदेय स्थलों के समायोजन पर 22 अक्टूबर तक दर्ज कराएं आपत्ति

 

 

 

अमेठी। विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण और मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं समायोजन को लेकर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शशांक चौधरी की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें जिले की तिलोई, जगदीशपुर, गौरीगंज और अमेठी विधानसभा क्षेत्रों में मतदेय स्थलों के समायोजन से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि भारत निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों का परीक्षण कर आवश्यक समायोजन किया जाए, ताकि मतदान के दौरान मतदाताओं को असुविधा न हो।उन्होंने कहा कि मुख्य गांव या बस्ती से अधिक दूरी पर स्थित मतदेय स्थलों को चिह्नित कर संबंधित मतदान क्षेत्र के भीतर सुविधाजनक भवनों में स्थापित करने की कार्यवाही की जाए। मतदेय स्थल की दूरी लगभग दो किलोमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। दिव्यांगजनों और अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक मतदेय स्थल पर रैंप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही किसी राजनीतिक दल या मजदूर यूनियन के कार्यालय से 200 मीटर के भीतर मतदेय स्थल स्थापित नहीं किया जाएगा। जिन मतदेय स्थलों के मतदान क्षेत्र में अब उपयुक्त भवन उपलब्ध हो गए हैं, उन्हें भी क्षेत्र के भीतर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।बैठक में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से प्रत्येक मतदेय स्थल पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त कर उनकी सूची शीघ्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। साथ ही मतदेय स्थलों के समायोजन संबंधी प्रस्तावों पर सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी प्रस्ताव पर आपत्ति होने पर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय, अमेठी में 22 अक्टूबर 2026 तक लिखित आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह, निर्वाचन विभाग के अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।